आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग फिट रहने के लिए तरह-तरह की डाइट और एक्सरसाइज़ करते हैं, लेकिन कुछ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना भूल जाते हैं। इसका सीधा असर सेहत पर पड़ता है और कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि डेली रूटीन उतना ही ज़रूरी है जितना सोने में बिताया गया समय। इस दौरान अपनाई गई कुछ अच्छी आदतें न सिर्फ़ नींद की क्वालिटी को बेहतर बना सकती हैं, बल्कि लंबे समय में कई बीमारियों के खतरे को कम करने में भी मदद कर सकती हैं।
सोने से पहले स्क्रीन से दूर हो जाएं
कई लोग रात में सोने के बाद भी लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का इस्तेमाल करते रहते हैं। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन के प्रोडक्शन पर असर डाल सकती है, जो नींद को रेगुलेट करने में अहम भूमिका निभाता है। सोने से कम से कम 30 से 60 मिनट पहले स्क्रीन टाइम कम करने की कोशिश करें। इसके बजाय, किताब पढ़ना, हल्का म्यूज़िक सुनना या रिलैक्सेशन टेक्नीक की प्रैक्टिस करना बेहतर ऑप्शन हो सकता है।
हल्की वॉक या स्ट्रेच करें
डिनर के तुरंत बाद सोने से डाइजेस्टिव सिस्टम पर असर पड़ सकता है। खाने के बाद 10 से 15 मिनट की हल्की वॉक फायदेमंद मानी जाती है। हल्की स्ट्रेचिंग से शरीर को आराम मिलता है और दिन भर की थकान कम होती है। ऐसा रेगुलर करने से शरीर को ज़्यादा रिलैक्स महसूस होता है, जिससे नींद आने में मदद मिलती है।
मन को शांत रखें
स्ट्रेस और एंग्जायटी को अच्छी नींद का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है। अगर दिमाग लगातार किसी चीज़ में बिज़ी रहता है, तो इससे नींद आ सकती है। सोने से पहले कुछ मिनट गहरी सांस लेने या एक्सरसाइज़, मेडिटेशन या ग्रैटिट्यूड जर्नलिंग करने से मन को शांति मिल सकती है। इससे स्ट्रेस कम करने और अच्छी नींद आने में मदद मिलती है।
अच्छी नींद ज़रूरी क्यो मानी जाती है
शरीर की मरम्मत और रिकवरी के लिए अच्छी नींद ज़रूरी मानी जाती है। अच्छी नींद इम्यून सिस्टम, हार्मोनल बैलेंस, मेंटल हेल्थ और एनर्जी लेवल पर असर डाल सकती है। लंबे समय तक नींद की कमी से कई हेल्थ प्रॉब्लम का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए नींद को हेल्दी लाइफस्टाइल का एक ज़रूरी हिस्सा माना जाता है। देर रात कैफीन वाली ड्रिंक्स पीना, भारी खाना और देर रात तक जागना नींद की क्वालिटी पर असर डाल सकता है। इसके अलावा, सोने से पहले बहुत ज़्यादा स्ट्रेस वाली एक्टिविटीज़ से बचना भी बेहतर माना जाता है।



