Aligarh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ ने राज्य में साइबर अपराध को एक गंभीर चुनौती मानते हुए इसकी रोकथाम, नियंत्रण और प्रभावी अन्वेषण के निर्देश दिए हैं। जिस पर पुलिस महानिदेशक, श्री राजीव कृष्ण ने साइबर अपराध की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए जन-जागरूकता और सतत प्रशिक्षण पर जोर दिया है। इस मामले में अलीगढ़ पुलिस की कार्रवाई और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की गई है।

अलीगढ़ के थाना साइबर क्राइम व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने शेयर मार्केट में निवेश कर लाभ कमाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गैंग के 12 साइबर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान, वादी के खाते में 5 लाख 64 हजार रुपये वापस कराए गए हैं।

बता दें, पुलिस ने तकनीकी विवेचना के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज किया और करीब 600 फर्जी व्हाट्सएप निवेश समूहों को बंद करवा दिया। इससे लगभग ₹500 करोड़ की साइबर ठगी रोकी गई। आरोपियों के पास से 30 पासबुक/चेकबुक, 28 डेबिट कार्ड, 23 मोबाइल, 13 सिम कार्ड, 1 लैपटॉप और 2 जियो राउटर सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद किए गए हैं।

बता दें, इस गिरोह के खिलाफ महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और केरल में कुल 13 शिकायतें दर्ज किए गए हैं। गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए सीबीआई और इंटरपोल से समन्वय किया जा रहा है।

इस घटना के संबंध में जिन 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, वे विभिन्न राज्यों से हैं, जिनमें उड़ीसा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, बुलंदशहर, मथुरा और गाजियाबाद के आरोपी शामिल हैं। इन अभियुक्तों पर महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और केरल में कुल 13 शिकायतें दर्ज की गई थीं।

साइबर क्राइम पुलिस टीम ने धोखाधड़ी में संलिप्त संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करते हुए करीब 500 लोगों को व्हाट्सएप के विभिन्न फ्रॉड ग्रुपों से जागरूक किया। इससे लगभग ₹500 करोड़ की ठगी से बचाव हुआ। इन फर्जी व्हाट्सएप निवेश ग्रुप्स को बंद करने के साथ-साथ पुलिस ने लोगों को इस प्रकार के धोखाधड़ी से बचने के लिए सलाह दी।

पुलिस ने बरामदगी में 30 पासबुक व चेकबुक, 30 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, 2 जियो राउटर, 1 लैपटॉप, 1 कैमरा, 9 फर्जी फर्म की मुहर ज़ब्त किया हैं।

इस घटना में विदेश में स्थित मास्टरमाइंड के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीआई और इंटरपोल से सहयोग लिया जा रहा है। इन आरोपियों द्वारा शेयर मार्केट में निवेश कर लाभ कमाने के नाम पर आम नागरिकों को ठगने के लिए एक बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा था।

साइबर ठगी करने वाले आरोपियों के पास से कई तरह की आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है, जिनसे यह साफ हो गया है कि वे इस तरह की ठगी के लिए एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे। इन अभियुक्तों ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से शेयर मार्केट में निवेश के झांसे में आम लोगों को फंसाया था।

अलीगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और यह राज्य की आंतरिक सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त संदेश है।

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