हरिद्वार। पतंजलि योगपीठ में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने देश की नौजवान पीढ़ी और व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जेन-जी का एक बड़ा तबका नशे को ही अपनी आजादी मान बैठा है। ‘मेरा जीवन, मेरी मर्जी’ जैसी सोच स्वतंत्रता की सही परिभाषा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि अधिकारों के लिए आवाज उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन मर्यादा और संयम भूलना गलत है।
नशा ही आजादी नहीं, यह बर्बादी का रास्ता है
स्वामी रामदेव ने चिंता जताई कि आज कई लड़के-लड़कियां नशे की गर्त में जा रहे हैं और इसे निजी पसंद या स्वतंत्रता का नाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा हमें अधिकारों के साथ कर्तव्यों और संयम का पाठ पढ़ाती है। हमें भगवान राम का आदर्श, श्रीकृष्ण का विवेक और भगवान शिव का संयम अपनाना चाहिए। जो युवा आधुनिकता के नाम पर नशे और बर्बादी का रास्ता चुन रहे हैं, वे देश और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय हैं।
सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू में होता है सबसे बड़ा खेल
स्वामी रामदेव ने सरकारी नौकरियों में कथित अनियमितताओं पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि इंटरव्यू के दौरान 90 से 99 प्रतिशत तक घोटाला होता है। अपनी जाति, वर्ग, समुदाय और विचारधारा से जुड़े लोगों को तरजीह दी जाती है और बाकी योग्य अभ्यर्थियों को मौके से वंचित कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ ‘सत्यमेव जयते’ का नारा लगता है, वहीं दूसरी तरफ पैसे लेकर नौकरियां बांटने के आरोप लगते हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो देश कैसे आगे बढ़ेगा?
व्यवस्था सुधरो, नहीं तो फिर सड़क पर उतरना पड़ सकता है
झारखंड में छात्रों के आंदोलन से जुड़े सवाल पर स्वामी रामदेव ने कहा कि देश में चारों तरफ हंगामा है। कहीं स्कूलों में शिक्षक, किताबें, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, तो जहां सुविधाएं हैं, वहां नकल और पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अभी भी समय है, व्यवस्था को सुधार लिया जाए। उन्होंने साफ कहा कि वह अराजकता के समर्थक नहीं हैं, लेकिन अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो उन्हें दोबारा आंदोलन के लिए सड़क पर उतरना पड़ सकता है।
सदन में पाकिस्तान-हिंदुस्तान जैसी दिखती है स्थिति
स्वामी रामदेव ने संसद के हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज देश में नफरत का ऐसा माहौल है कि सत्तापक्ष और विपक्ष पाकिस्तान और हिंदुस्तान की तरह एक-दूसरे के सामने खड़े दिखते हैं। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देशहित में संवाद और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन होना चाहिए।
कुंभ मेला कार्यालय में धूमधाम से मना स्वतंत्रता दिवस
उधर, हरिद्वार स्थित कुंभ मेला अधिष्ठान के सीसीआर परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मेलाधिकारी सोनिका ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस गार्ड की टुकड़ी ने ध्वज को सलामी दी। इस मौके पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने देश की एकता-अखंडता बनाए रखने और आगामी कुंभ मेले को सुरक्षित व सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने का संकल्प लिया।
शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मेलाधिकारी सोनिका ने सभी कर्मियों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से काम करने का आह्वान किया। इससे पहले उन्होंने इंद्रमणि बडोनी पार्क में स्वतंत्रता सेनानियों की याद में बरगद और नीम के पौधे भी रोपे।



