नई दिल्ली: भारत सरकार देश में विदेशी निवेश (फॉरेन इन्वेस्टमेंट) की रफ्तार को तेज करने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। सरकार भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) पर लगने वाले कैपिटल गेन टैक्स को पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी में है। सरकार के इस बड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य देश में विदेशी पूंजी को आकर्षित करना, भारतीय रुपये को मजबूती प्रदान करना और घरेलू बॉन्ड बाजार को वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक व प्रतिस्पर्धी बनाना है।

मौजूदा टैक्स व्यवस्था के तहत, विदेशी निवेशकों को भारतीय बॉन्ड में किए गए निवेश पर 12.5 प्रतिशत तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स चुकाना पड़ता है। सरकार अब इस टैक्स को समाप्त करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसके साथ ही, सामने आई विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेशी निवेशकों को बॉन्ड के ब्याज पर लगने वाले 20 प्रतिशत के विदहोल्डिंग टैक्स में भी आने वाले दिनों में बड़ी राहत मिल सकती है। सरकार के इस कदम से वैश्विक निवेशकों के लिए भारत के दरवाजे और अधिक सुगमता से खुलेंगे, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।

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