लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ‘विकसित भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं और ऐतिहासिक उपलब्धियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए आगामी 5 जून से 21 जून, 2026 तक पूरे प्रदेश में व्यापक जनजागरूकता अभियान, पदयात्रा और प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा।

इस वृहद कार्ययोजना को लेकर आज सिंचाई विभाग मुख्यालय में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई।

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से होगी शुरुआत

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बैठक में निर्देश दिए कि इस प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत 5 जून को पर्यावरण दिवस के अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण अभियान के साथ की जाएगी। 17 दिनों तक चलने वाले इस शिक्षाप्रद और विकासात्मक अभियान के तहत राज्यभर में निम्नलिखित कार्यक्रम आयोजित होंगे।

जिला व ब्लॉक स्तर पर किसानों के साथ सीधे संवाद कार्यक्रम होंगे। विभागीय आधुनिक तकनीकों और परियोजनाओं को प्रदर्शित करती प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। स्थानीय स्तर पर जन-जन को जोड़ने के लिए जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

इस अभियान के जरिए सरकार सिंचाई परियोजनाओं, राजकीय नलकूपों के संचालन, नहर प्रणालियों के सुदृढ़ीकरण, जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और ड्रिप व स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाएगी।

नहरों के ‘टेल’ तक पानी और लिफ्ट कनाल पर विशेष फोकस

बैठक में मौजूद राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग की बड़ी बुनियादी ढांचागत (इंफ्रास्ट्रक्चर) उपलब्धियों को सरल और प्रभावी तरीके से जनता के सामने पेश किया जाए।

वहीं, राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने जोर देकर कहा कि:

“सरकार द्वारा चलाई जा रही लिफ्ट नहर योजनाओं (Lift Canal Schemes) और सूबे की नहरों के अंतिम छोर यानी ‘टेल’ तक पानी पहुँचाने की जो ऐतिहासिक सफलता विभाग को मिली है, उसे प्रमुखता से प्रचारित किया जाए। इससे किसानों को सही समय पर सिंचाई योजनाओं का वास्तविक और शत-प्रतिशत लाभ मिल सकेगा।”

विभिन्न संचार माध्यमों से बढ़ेगी जागरूकता

सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग ने सभी फील्ड और जनपद स्तरीय अधिकारियों को हिदायत दी कि विभागीय उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार में पारंपरिक और आधुनिक (डिजिटल) दोनों संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाए। जनपद स्तर पर होने वाली किसान गोष्ठियों में किसानों की समस्याओं का ऑन-स्पॉट निस्तारण करने के भी प्रयास किए जाएंगे।

बैठक के अंत में विभागाध्यक्ष सहित ऑनलाइन व ऑफलाइन जुड़े सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने देश और प्रदेश की उन्नति में सिंचाई विभाग की भूमिका को और मजबूत करने तथा किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के प्रति अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।

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