लखनऊ। राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आज दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को मध्य क्षेत्र, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, लखनऊ में राष्ट्रीय एकता दिवस उत्साह, गरिमा एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री शिव शंकर उपाध्याय, उप महानिरीक्षक (प्रशासन) द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई गई। सभी अधिकारियों एवं जवानों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा देश की आंतरिक सुरक्षा एवं राष्ट्रीय एकजुटता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम के दौरान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया गया। सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प एवं कुशल नेतृत्व के बल पर स्वतंत्रता के पश्चात देश की विभिन्न रियासतों का भारतीय संघ में विलय कर भारत के एकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके इसी असाधारण योगदान के कारण उन्हें आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं राष्ट्रीय एकता का अनुपम उदाहरण है।

केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल जैसे देश के प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल के लिए राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का विशेष महत्व है। बल के अधिकारी एवं जवान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा, शांति, कानून-व्यवस्था एवं राष्ट्रीय एकजुटता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस का यह अवसर सभी कार्मिकों को अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा, अनुशासन, समर्पण एवं राष्ट्रसेवा की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रेरणा प्रदान करता है।

कार्यक्रम के माध्यम से यह भी संदेश दिया गया कि एक मजबूत एवं समृद्ध राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है, जब देश का प्रत्येक नागरिक आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव एवं भाईचारे की भावना के साथ आगे बढ़े। सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों एवं आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर ही हम एक सशक्त, संगठित, सुरक्षित एवं विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बन सकते हैं।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं जवानों ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को आत्मसात करते हुए राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को सदैव बनाए रखने का संकल्प लिया।

“न जाति से बंटेंगे, न भाषा से बिखरेंगे; एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे!”

एकता हमारी शक्ति है, अखंडता हमारी पहचान है और राष्ट्रसेवा हमारा सर्वोच्च कर्तव्य है।

शेयर करना
Exit mobile version