लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली संकट की चर्चाओं के बीच प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने विपक्ष और सोशल मीडिया पर ‘दुर्भावनापूर्ण छवि’ गढ़ने का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यूपी में ‘बत्ती गुल’, ‘बिजली संकट’ और ‘बिजली व्यवस्था ध्वस्त’ जैसी छवि बनाना या बनवाना, राज्य और उसके विद्युत कर्मियों का सीधा अपमान है।
ऊर्जा मंत्री ने आंकड़ों के साथ पेश करते हुए बताया कि प्रदेश ने बीती रात बिजली खपत के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। उन्होंने कहा, कल रात प्रदेश में पीक डिमांड 30,395 मेगावॉट के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गई थी। इस अभूतपूर्व मांग के बावजूद, हमारी टीम ने पूरी क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ आपूर्ति व्यवस्था को सफलतापूर्वक संभाला है।
‘जानबूझकर प्रदेश को बदनाम करने की साजिश’
मंत्री शर्मा ने बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया कि कुछ तत्व जानबूझकर उत्तर प्रदेश की छवि धूमिल करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा, कुछ लोग मानो उत्तर प्रदेश को बदनाम करने का प्रण करके बैठे हैं। इनकी नजर में पहले का वो दौर सही था, जब महज चंद गांवों में बिजली की झिलमिलाहट दिखती थी, तब इन्हें कोई समस्या नहीं होती थी। आज जब पूरे प्रदेश में बिजली पहुंच रही है, तब ये लोग अनावश्यक शोर मचा रहे हैं।
हर गांव, हर गली में रोस्टरानुसार आपूर्ति का दावा
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली अब विशेषाधिकार नहीं, बल्कि जन-जन का अधिकार बन चुकी है। उन्होंने दावा किया, आज उत्तर प्रदेश का हर गांव, हर मोहल्ला और हर गली प्रकाशित है। निर्धारित रोस्टर के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से 24 घंटे तक निर्बाध बिजली दी जा रही है। ऐसे में नकारात्मक प्रचार करने वालों को पहले अपने आंकड़े ठीक कर लेने चाहिए।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ स्थानों पर बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद यह राजनीतिक संग्राम तेज हो गया है। विद्युत विभाग का कहना है कि जहां कहीं भी तकनीकी खराबी या स्थानीय स्तर पर कटौती की सूचना मिलती है, उसे तत्काल ठीक किया जा रहा है।



