लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास, साहित्य और अमर बलिदानियों की गाथाओं से रूबरू कराने के लिए एक अनूठा महाअभियान शुरू करने जा रही है। सूबे में रंगमंच को राष्ट्रजागरण का माध्यम बनाते हुए ‘भारतेंदु नाट्य अकादमी’ ने एक भव्य कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत राज्य के सभी 75 जिलों के स्कूलों, विश्वविद्यालयों, ऐतिहासिक स्मारकों, संग्रहालयों और सांस्कृतिक केंद्रों पर बड़े पैमाने पर नाटकों का मंचन किया जाएगा, जिससे प्रदेश के लाखों युवाओं को जोड़ा जा सके।
इस सांस्कृतिक परियोजना के तहत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की कालजयी कृति ‘आनंदमठ’ और राष्ट्रवीर ‘महाराजा सुहेलदेव’ के जीवन पर आधारित नाटकों को मुख्य फ्लैगशिप शो के रूप में तैयार किया जाएगा। इनके अलावा ‘रानी लक्ष्मीबाई’, ‘वीर शिवाजी महाराज’, ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’, ‘1857 की क्रांति’ और ‘बिजली पासी’ जैसी वीरगाथाओं का मंचन होगा। वहीं, साहित्यिक और वैचारिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए ‘रश्मिरथी’, ‘मुंशी प्रेमचंद कृत बड़े भाई साहब’, ‘अटल बिहारी वाजपेयी’, ‘वीर सावरकर’, ‘भारतेंदु हरिश्चंद्र’ और ‘सूर्यकांत त्रिपाठी निराला’ के व्यक्तित्व और कृतियों पर आधारित शो भी पेश किए जाएंगे। हर नाटक की समय अवधि करीब 1 घंटे 50 मिनट से 2 घंटे तक की होगी।
जून से शुरू होगी व्यापक तैयारियां
इस महाअभियान को धरातल पर उतारने के लिए जून 2026 से चरणबद्ध तरीके से काम शुरू कर दिया जाएगा। जून के शुरुआती हफ्ते में ऐतिहासिक और साहित्यिक दस्तावेजों पर शोध किया जाएगा, जिसके बाद अनुभवी नाटककार स्क्रिप्ट और संवाद तैयार करेंगे। जून के दूसरे पखवाड़े में प्रदेशभर से प्रतिभावान कलाकारों का चयन कर उन्हें अभिनय, भावाभिनय, संगीत और नृत्य का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, 25 जून से 25 जुलाई तक कलाकारों की कड़ी रिहर्सल होगी। इसके बाद 2 अगस्त को राजधानी लखनऊ में पहला भव्य प्रीमियर शो आयोजित किया जाएगा। इसके बाद अगस्त से नवंबर 2026 तक शिक्षण संस्थानों में और दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 तक ऐतिहासिक व पर्यटन स्थलों पर ये प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच: जयवीर सिंह
इस मेगा प्रोजेक्ट को लेकर उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि, इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के 5 से 10 लाख युवाओं तक सीधे सांस्कृतिक पहुँच बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि शहीद स्थलों, प्रेक्षागृहों और प्रमुख शहरों में होने वाले ये मंचन देशप्रेम और सांस्कृतिक एकता की भावना को मजबूत करेंगे। साथ ही, इससे यूपी के स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर का मंच मिलेगा और भारतीय रंगमंच को एक नई ऊंचाई हासिल होगी। बाहरी राज्यों की सर्वश्रेष्ठ नाट्य मंडलियों को भी इसके लिए आमंत्रित किया जाएगा, जिसके लिए आवेदन की आखिरी तारीख 20 जून 2026 तय की गई है।



