पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और ने चुनाव प्रक्रिया और चुनाव बाद की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी की गई और कई सीटों पर नतीजों में हेरफेर हुआ। ममता ने दावा किया कि करीब 150 सीटों पर वास्तविक परिणाम बदले गए, जबकि उनकी पार्टी को 220 से 230 सीटें मिल सकती थीं।
‘जहां हारे वहां जीत दिखा दी गई’
ममता बनर्जी ने कहा कि जिन सीटों पर बीजेपी हार रही थी, वहां जीत दिखाई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर जनता ने वास्तव में बीजेपी को समर्थन दिया है तो फिर लोग संतुष्ट क्यों नहीं दिख रहे। उनके मुताबिक राज्य में डर और हिंसा का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बाइक रैलियां निकालकर लोगों को धमका रहे हैं और पार्टी कार्यालयों तथा घरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं।
रक्षक ही बना भक्षक
तृणमूल प्रमुख ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बनी हुई है। ममता ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक प्रशासन चलाया है लेकिन कभी पुलिस को इस तरह काम करने के निर्देश नहीं दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अब रक्षक ही भक्षक बन गया है।
पार्टी दफ्तरों पर कब्जे का दावा
ममता बनर्जी ने दावा किया कि राज्यभर में 2500 से अधिक पार्टी कार्यालयों पर कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उनके निर्वाचित पार्षदों को लगातार गिरफ्तार किया जा रहा है और कई नेताओं के घरों पर हमला किया गया। उनका आरोप है कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
जारी रहेगी अदालत की लड़ाई
ममता ने कहा कि वह इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने न्यायपालिका से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि संविधान की ताकत बंदूक की नली से बड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आज सत्ता में हैं, उन्हें एक दिन अपने कर्मों का जवाब देना पड़ेगा।



