अमेरिका के टक्सन (एरिजोना) से एक सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक भारतीय छात्र वरुण बैचिगारी ने अपनी 19 वर्षीय अमेरिकी गर्लफ्रेंड जुलिसा रूबी सालाजार की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या की इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भारत भागने की फिराक में था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के तालमेल से जर्मन पुलिस ने उसे बर्लिन एयरपोर्ट से धर दबोचा।
घटना की शुरुआत तब हुई जब परिवार की ‘वेलफेयर चेक’ रिक्वेस्ट पर पुलिस टक्सन स्थित एक अपार्टमेंट में पहुँची। वहाँ कमरे की तलाशी लेने पर जुलिसा सालाजार का शव मिला। शुरुआती जांच और टक्सन फायर डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलिसा के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और उसका गला घोंटा गया था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि जुलिसा वरुण से ब्रेकअप करने का मन बना चुकी थी, जिसके शक और गुस्से में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी वरुण बैचिगारी मृतका का मोबाइल फोन और क्रेडिट कार्ड लेकर मौके से फरार हो गया था। इतना ही नहीं, वह पकड़े जाने से बचने के लिए मृतका के फोन से उसकी माँ को लगातार फर्जी मैसेज भेज रहा था। इसके बाद वह तुरंत टक्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ह्यूस्टन और वहाँ से बर्लिन की फ्लाइट पकड़कर भारत भागने की कोशिश कर रहा था। अमेरिकी पुलिस ने उसके खिलाफ फर्स्ट-डिग्री मर्डर और अपहरण का वारंट जारी किया था, जिसके आधार पर जर्मन अधिकारियों ने जर्मनी के एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे हिरासत में ले लिया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी वरुण पर पहले से ही मई महीने से पिमा काउंटी में एक असॉल्ट का केस दर्ज था। वह यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना में बिजनेस एनालिटिक्स का छात्र था, लेकिन कॉलेज में हुई एक लड़ाई के बाद उसे निकाल दिया गया था। हाल ही में नौकरी छूट जाने के कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और किराया न चुका पाने के चलते उसका अमेरिकी वीजा स्टेटस भी खतरे में पड़ गया था।
फिलहाल, जर्मनी में हिरासत में मौजूद वरुण बैचिगारी को जल्द ही कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अमेरिका (एरिजोना) प्रत्यर्पित किया जाएगा, जहाँ उसे पिमा काउंटी एडल्ट डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा। इस दर्दनाक घटना ने दोनों देशों में सनसनी फैला दी है।



