भगवान श्रीकृष्ण को लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथित टिप्पणी का मामला लगातार चर्चा में है। इस टिप्पणी को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने सनातनी समाज की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिरकार बुलडोजर कार्रवाई कहां चली गई?
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “मानवीय भूलों के लिए तो क्षमा किया जा सकता है, लेकिन ईशनिंदा के लिए कभी नहीं। ऐसे दुष्मुखी लोगों पर आजीवन प्रतिबंध लगाना ही समाज के लिए श्रेयस्कर है। पूरे देश में इनके सभी कार्यक्रम रद्द किए जाएं, नई अनुमति न दी जाए और सार्वजनिक जीवन में हर सच्चा सनातनी इनका पूर्ण बहिष्कार करे। यही इनके अक्षम्य पाप का दंड होना चाहिए, नहीं तो वह भी ईशनिंदा के पाप का भागी बनकर अपना लोक-परलोक बिगाड़ लेगा।
अगर दुर्भावना से भरा ऐसा व्यक्ति जीवनभर भी एकांतवास करके अपने किए का पश्चाताप और प्रायश्चित करेगा, तो भी कोई धर्मप्रधान आस्थावान उसे माफ नहीं करेगा। मनुष्य का दंभ इतना भी नहीं होना चाहिए कि वह खुद को ईश्वर से ऊपर समझने लगे। वैधानिक कार्रवाई हो।”
दरअसल, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने भगवान राम को सीधा और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को टेढ़ा बताया था। इसके बाद उनके बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई भी दी। इसके बावजूद मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी को सनातन धर्म को बांटने की साजिश बताते हुए उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।


