भारत और नेपाल के बीच राजनयिक संबंधों को लेकर अहम गतिविधियां तेज हो गई हैं। नेपाल में भारत के नवनियुक्त राजदूत सुधाकर दलेला मंगलवार को काठमांडू पहुंच गए। वह नेपाल में भारतीय राजदूत के रूप में अपना कार्यभार संभालेंगे। उनका काठमांडू पहुंचना भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री के नेपाल के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे से ठीक एक दिन पहले हुआ है। विदेश सचिव का यह दौरा 4 और 5 नवंबर को प्रस्तावित है।

काठमांडू पहुंचने पर हुआ स्वागत

नवनियुक्त भारतीय राजदूत सुधाकर दलेला मंगलवार दोपहर एयर इंडिया की फ्लाइट से काठमांडू पहुंचे। यहां भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। दलेला की नियुक्ति को भारत-नेपाल के बीच राजनयिक संपर्क और द्विपक्षीय सहयोग के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

1993 में भारतीय विदेश सेवा में हुए थे शामिल

सुधाकर दलेला 1993 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। उन्होंने अपने राजनयिक करियर की शुरुआत इजरायल के तेल अवीव से की थी। इसके बाद उन्होंने ब्रासीलिया, शिकागो, ढाका, जिनेवा, थिम्पू और वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय राजनयिक मिशनों में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।

वह 2022 से 2025 तक भूटान में भारत के राजदूत रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने नई दिल्ली में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।

PMO और विदेश मंत्रालय में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी

सुधाकर दलेला ने 2009 से 2011 तक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में निदेशक के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों, पूर्वी एशिया, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, खाड़ी देशों, मध्य पूर्व और अफ्रीका के साथ भारत के संबंधों से जुड़े मामलों पर काम किया।

विदेश मंत्रालय में उन्होंने 2006 से 2007 तक निदेशक (उत्तर) और 2016 से 2019 तक संयुक्त सचिव (उत्तर) की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान भारत के नेपाल और भूटान के साथ संबंधों से जुड़े मामलों की देखरेख भी की।

WTO और आर्थिक कूटनीति का भी अनुभव

दलेला को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक कूटनीति का भी व्यापक अनुभव है। वह वाणिज्य विभाग में निदेशक (व्यापार नीति) के पद पर काम कर चुके हैं। इसके अलावा विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भारत के स्थायी मिशन में भी दो बार सेवाएं दी हैं। 2014 से 2016 तक वह WTO में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि रहे।

उन्होंने अमेरिका में शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में महावाणिज्यदूत और वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास में उप मिशन प्रमुख के रूप में भी काम किया। 2020 से 2022 तक वह अमेरिका में भारत के उप मिशन प्रमुख रहे।

1 सितंबर 2025 को उन्होंने विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) का पद संभाला था। इस जिम्मेदारी के तहत उन्होंने भारत की आर्थिक कूटनीति, ग्लोबल साउथ के देशों के साथ विकास साझेदारी, अफ्रीका के साथ सहयोग और बहुपक्षीय आर्थिक संबंधों से जुड़े मामलों को देखा। उन्होंने BRICS, IBSA और I2U2 में भारत के शेरपा के रूप में भी काम किया है।

4-5 नवंबर को नेपाल जाएंगे विदेश सचिव विक्रम मिस्री

सुधाकर दलेला के काठमांडू पहुंचने के बाद अब भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री का नेपाल दौरा भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मिस्री 4 और 5 नवंबर को नेपाल के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे।

इस दौरान दोनों देशों के बीच आपसी हितों से जुड़े द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत और नेपाल के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार प्रगति हुई है।

विदेश सचिव का यह दौरा दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाएगा। साथ ही इससे भारत और नेपाल की व्यापक द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने की उम्मीद है।

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