उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा किया है। ब्रजेश मिश्रा को दिए पॉडकास्ट में पूर्व IPS राजेश पांडे ने दावा किया कि 1993 मुंबई बम धमाकों के बाद पाकिस्तान के कराची में छिपकर बैठे दाऊद इब्राहिम को खत्म करने की गुप्त योजना तैयार की गई थी। इसके लिए भारतीय शूटर्स कराची तक पहुंच भी चुके थे, लेकिन एन वक्त पर सूचना लीक हो जाने के कारण यह पूरा ऑपरेशन विफल हो गया।

बता दें, राजेश पांडेय ने बताया इस गुप्त ऑपरेशन की मुखबिरी नेपाल के पूर्व सांसद मिर्जा दिलशाद बेग ने की थी। ऑपरेशन फेल होने के कुछ समय बाद ही नेपाल में मिर्जा दिलशाद बेग की हत्या कर दी गई थी, जिसकी जिम्मेदारी गैंगस्टर बबलू श्रीवास्तव ने उनके सामने कबूल की थी। पूर्व अफसर ने बताया कि 1993 के मुंबई धमाकों के बाद दाऊद अपने गिरोह के सभी सदस्यों के पासपोर्ट बहाने से जमा कर फर्जी तरीकों से कराची भाग निकला था। इस धोखे के बाद डी-कंपनी (D-Company) में भारी ध्रुवीकरण हुआ और छोटा राजन व बबलू श्रीवास्तव जैसे गैंगस्टर दाऊद के खून के प्यासे बन गए।

पॉडकास्ट में पूर्व IPS ने 90 के दशक की मुंबई राजनीति और गैंगवार पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1995 में महाराष्ट्र में शिवसेना सरकार आने के बाद बालासाहाब ठाकरे ने जनसभा में अरुण गवली को समर्थन दिया था, जिसने बाद में दाऊद के सगे जीजा इब्राहिम पारकर की हत्या कर दी थी। राजेश पांडेय के इस नए दावे ने 90 के दशक के अंडरवर्ल्ड नेटवर्क और भारत की गुप्त कार्रवाइयों की परतों को एक बार फिर खोल दिया है।

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