रुद्रपुर। संभागीय परिवहन विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर और एक जैसे चेसिस नंबर वाली दो कारें सामने आ गईं। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब हरिद्वार निवासी सहदेव कुमार पाल अपनी स्विफ्ट डिजायर कार का बीमा रिन्यू कराने पहुंचे और उन्हें बताया गया कि बीमा तो नैनीताल के नीरज कुमार के नाम ट्रांसफर हो चुका है।
बीमा रिन्यू कराने गए तो उड़ गए होश
ज्वालापुर, हरिद्वार के रहने वाले सहदेव कुमार पाल सोमवार को अपने अधिवक्ता के साथ एआरटीओ कार्यालय पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी कार का बीमा रिन्यू कराने गए तो पता चला कि बीमा पहले ही नीरज कुमार पुत्र राजेंद्र निवासी कालाढूंगी, नैनीताल के नाम ट्रांसफर हो चुका है। जब एआरटीओ कार्यालय में दस्तावेज खंगाले गए तो हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई—कार सहदेव के नाम से हटकर नीरज कुमार के नाम ट्रांसफर कर दी गई थी।
दोनों कारों का चेसिस नंबर निकला एक
शिकायत के बाद उप सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मोहित कोठारी ने दूसरे पक्ष के वाहन स्वामी नीरज कुमार को उनकी कार समेत एआरटीओ कार्यालय बुलवा लिया। जब तकनीकी अधिकारियों ने दोनों गाड़ियों का भौतिक सत्यापन किया तो दोनों का चेसिस नंबर एक जैसा पाया गया। मामला सुलझने की बजाय और उलझता चला गया, जिसके बाद स्थानीय मारुति एजेंसी की मदद ली गई। मंगलवार दोपहर एजेंसी की टेक्निकल टीम ने अपने उपकरणों के साथ दोनों वाहनों की गहन जांच की और सहदेव की कार को असली करार देते हुए दूसरी कार के चेसिस नंबर में छेड़छाड़ की पुष्टि कर दी।
फर्जी आधार कार्ड से कराया गया वाहन ट्रांसफर
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि कार ट्रांसफर कराने के लिए जिस व्यक्ति को सहदेव कुमार पाल बताकर एआरटीओ कार्यालय लाया गया, उसका आधार नंबर तो सही था, लेकिन उस पर लगी फोटो और जन्मतिथि बिल्कुल अलग थी। इससे साफ हो गया कि फर्जी आधार कार्ड लगाकर वाहन ट्रांसफर कराया गया था।
बीमा ट्रांसफर नहीं होता तो राज छिपा ही रहता
सहदेव ने कार साल 2020 में हरिद्वार के एक डीलर से खरीदी थी और तब से लगातार उसका इस्तेमाल कर रहे थे। नीरज कुमार ने कार अपने नाम ट्रांसफर तो करा ली, लेकिन बीमा ट्रांसफर नहीं कराया। जुलाई में जब बीमा की अवधि खत्म होने पर सहदेव उसे रिन्यू कराने पहुंचे, तब जाकर यह पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया। नीरज कुमार ने बताया कि उसने यह गाड़ी करीब छह महीने पहले खरीदी थी।
आरटीओ ने एक कार को लिया कब्जे में, जांच जारी
एआरटीओ प्रशासन के मोहित कोठारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया जिस कार के चेसिस नंबर से छेड़छाड़ पाई गई है, उसे कब्जे में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, कार ट्रांसफर से जुड़े पुराने दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है। मारुति कंपनी की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



