उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी इलाके से एक ऐसी सनसनीखेज और कानून-व्यवस्था को धता बताने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। यहाँ खरखड़ी मोड़ पर बेखौफ बदमाशों ने ओमकार नाम के एक युवक की सरेआम गोलियों से भूनकर निर्मम हत्या कर दी। बदमाशों का दुस्साहस यहीं नहीं रुका, वे हत्या करने के बाद मृतक की डेड बॉडी (शव) को भी अपनी गाड़ी में डालकर मौके से फरार हो गए।
थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी सस्पेंड
इस पूरे सनसनीखेज हत्याकांड में स्थानीय लोनी थाना पुलिस की घोर लापरवाही और ढुलमुल रवैया सामने आने के बाद गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने कड़ा रुख अपनाया है [cite: इस पूरे मामले में लोनी थाना पुलिस की घोर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने लोनी थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी को सस्पेंड कर दिया है।]। उन्होंने तत्काल प्रभाव से लोनी थाना प्रभारी (SHO) मुकेश सोलंकी को सस्पेंड कर दिया है [cite: इस पूरे मामले में लोनी थाना पुलिस की घोर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने लोनी थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी को सस्पेंड कर दिया है।
पहले से दी गई थी शिकायत, सोती रही पुलिस
सामने आई जानकारी के मुताबिक, गनौली निवासी मृतक के बेटे देवांश पर बीते 20 मई को जानलेवा हमला हुआ था, जिसके बाद परिजनों ने लिखित रूप से पुलिस को अपनी जान का खतरा बताया था [cite: जानकारी के मुताबिक, गनौली निवासी मृतक के बेटे देवांश पर 20 मई को जानलेवा हमला हुआ था। परिजनों ने पुलिस को लिखित रूप से जान का खतरा बताया था]। इसके बावजूद लोनी पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इतना ही नहीं, 29 मई की रात को एक पंचायत के दौरान भी मारपीट की घटना हुई थी, लेकिन तब भी थाना प्रभारी और संबंधित चौकियों के अधिकारी अलर्ट नहीं हुए।
शव बरामद करने में पुलिस नाकाम
इस वक्त सबसे बड़ा और शर्मनाक पहलू यह बना हुआ है कि हत्या के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो आरोपियों को दबोच पाई है और न ही मृतक ओमकार का शव बरामद कर सकी है [cite: हत्यारे अभी भी फरार हैं। पुलिस अब तक मृतक का शव बरामद करने में भी पूरी तरह नाकाम रही है। यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा और सबसे शर्मनाक पहलू बन गया है।]। पुलिस की कई टीमें अब फरार बदमाशों और शव की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।



