उत्तर प्रदेश के कानपुर में वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक के दौरान शहर की जर्जर सड़कों और बुनियादी ढांचे की बदहाली का मुद्दा गूंज उठा। होटल लैंडमार्क में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में वाणिज्य मंत्रालय की संसदीय कमेटी के चेयरमैन राहुल सिन्हा ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और सड़कों की हालत पर बेहद सख्त और तीखी टिप्पणी की।
बता दें, चेयरमैन राहुल सिन्हा ने मुख्य सचिव और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने तंज कसते हुए कहा, “लखनऊ से कानपुर पहुंचने में जितना समय नहीं लगा, उससे ज्यादा जाजमऊ से कानपुर के इस होटल पहुंचने में लग गया।” उनकी इस टिप्पणी के बाद बैठक में मौजूद अधिकारियों के बीच सन्नाटा छा गया। प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. एसपी गोयल और कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी भी इस टिप्पणी पर खामोश नजर आए, क्योंकि उनका काफिला भी इसी खस्ताहाल मार्ग से हिचकोले खाते हुए बैठक स्थल तक पहुंचा था।
वहीं, होटल लैंडमार्क में करीब साढ़े पांच घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में एमएसएमई (MSME), रक्षा, चमड़ा, इत्र और सराफा कारोबार से जुड़े प्रमुख उद्यमियों ने भाग लिया। कारोबारियों ने जर्जर जाजमऊ गंगा पुल, भीषण ट्रैफिक जाम और खस्ताहाल सड़कों से हो रहे व्यापारिक नुकसान की समस्याएं संसदीय समिति के समक्ष रखीं और त्वरित समाधान की मांग उठाई।












