देहरादून: उत्तराखंड की सियासत से बड़ी खबर सामने आई है। निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधायक पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उमेश कुमार के मुताबिक, वह कल विधानसभा सत्र समाप्त होने से पहले अपने पद से इस्तीफा देंगे। उनके इस ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
विपक्ष से समर्थन नहीं मिलने का लगाया आरोप
विधायक उमेश कुमार ने विपक्षी दलों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा उम्मीद की थी कि विपक्ष उनका समर्थन करेगा, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। उमेश कुमार के मुताबिक, पिछले साढ़े चार साल में विपक्ष ने कभी उनका साथ नहीं दिया। उनके बयान से साफ है कि वह विपक्ष के रवैये से नाराज हैं। हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे के ऐलान के पीछे की परिस्थितियों को लेकर विस्तार से जानकारी नहीं दी है।
कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों पर दिया जवाब
उमेश कुमार ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने साफ कहा कि वह कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं। उनके इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग सकता है, जिनमें उनके कांग्रेस में जाने की संभावना जताई जा रही थी।
हरीश रावत और त्रिवेंद्र सिंह रावत को लेकर क्या बोले?
उमेश कुमार ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह न तो हरीश रावत के लिए नारे लगाएंगे और न ही त्रिवेंद्र सिंह रावत के लिए। उनके इस बयान को प्रदेश की राजनीति में उनके अलग रुख के तौर पर देखा जा रहा है। फिलहाल, उमेश कुमार के इस्तीफे के ऐलान ने उत्तराखंड की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वह कल विधानसभा सत्र समाप्त होने से पहले इस्तीफा सौंपते हैं या नहीं। साथ ही, उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।



