आगरा: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में यात्रियों की सुविधा और राजस्व की सुरक्षा के लिए तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन ताज डिपो की एक बस में हुए हालिया खुलासे ने इन दावों की पोल खोल दी है। सोमवार की रात दिल्ली जा रही एक बस में 18 यात्री बिना टिकट के पाए गए, जिसके बाद आरोपी संविदा परिचालक को बर्खास्त कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
ताज डिपो की बस (UP 78 JT 3632) सोमवार रात करीब 2:15 बजे आगरा के ईदगाह बस स्टैंड से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। बस में कुल 39 यात्री सवार थे। रात करीब 3 बजे जब बस मथुरा के फरह पहुंची, तो प्रवर्तन दल के प्रभारी कपिल पचौरी की टीम ने बस को जांच के लिए रुकवाया। जांच के दौरान जो सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। बस में सवार 39 यात्रियों में से 18 यात्रियों के पास टिकट नहीं था।
यात्रियों ने खोली परिचालक की पोल
जब प्रवर्तन दल ने बिना टिकट यात्रियों से पूछताछ की, तो उन्होंने साफ तौर पर बताया कि उन्होंने टिकट के पैसे परिचालक राजेश चाहर को दे दिए थे, लेकिन परिचालक ने उन्हें टिकट नहीं दिया। पूछताछ के दौरान परिचालक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिससे उसका खेल पकड़ा गया।
रोडवेज की कड़ी कार्रवाई
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने तुरंत संज्ञान लिया और संविदा परिचालक राजेश चाहर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं। पकड़े गए यात्रियों में मथुरा, पलवल, बल्लभगढ़, होडल, छाता और कोसी के यात्री शामिल थे।
यह घटना परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान है। फिलहाल विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि यह परिचालक कितने समय से इस तरह से रोडवेज के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहा था।



