प्रयागराज: रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों को अपना निशाना बनाने वाले एक शातिर जालसाज को जीआरपी प्रयागराज ने धर दबोचा है। आरोपित के पास से 500-500 रुपये के नकली नोटों की गड्डियां बरामद हुई हैं, जिनकी कुल कीमत 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
क्या है मामला?
जीआरपी प्रयागराज के प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपित की पहचान राजस्थान के बीकानेर निवासी 20 वर्षीय रामनिवास के रूप में हुई है। वह दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से नकली नोटों की खेप लेकर निकलता था और दिल्ली-प्रयागराज-कोलकाता रूट पर चलने वाली ट्रेनों में सफर कर यात्रियों को ठगता था।
ठगी का ‘स्मार्ट’ तरीका
आरोपित का तरीका बेहद शातिर था। वह नकली नोटों को पारदर्शी प्लास्टिक में इस तरह पैक करता था कि वे बिल्कुल बैंक की नई गड्डियों जैसे दिखें। यात्रियों को विश्वास में लेने के लिए वह उन्हें सस्ता नोट बदलने का लालच देता था। लालच में फंसकर जब लोग उसे असली नोट देते, तो वह उन्हें नकली गड्डियां थमाकर रफूचक्कर हो जाता था। वह इन पैसों का इस्तेमाल अपनी विलासितापूर्ण जीवनशैली और महंगे शौक पूरे करने के लिए करता था।
प्लेटफॉर्म पर पुलिस की मुस्तैदी से पकड़ा गया
जीआरपी की टीम अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जंक्शन पर तैनात थी। दोपहर करीब 1:15 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 01 पर पुलिस को एक युवक संदिग्ध बैग के साथ बैठा मिला। पुलिस को देखकर जैसे ही उसने भागने की कोशिश की, जवानों ने उसे घेर लिया। बैग की तलाशी लेने पर उसमें 50 लाख रुपये के नकली नोटों के बंडल मिले, जिसे देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।
जीआरपी ने आरोपित के खिलाफ जीआरपी थाना प्रयागराज में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली नोटों की यह खेप उसे कहां से मिलती थी।



