अयोध्या : राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चल रहे रामधन गबन विवाद के बीच ‘भारत समाचार’ ने अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह एक ऐसी कड़ी है जो अब तक विशेष जांच टीम (SIT) की तफ्तीश में भी सामने नहीं आ पाई थी। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने भारत समाचार से खास बातचीत में एक ऐसा विस्फोटक दावा किया है, जिसने राम मंदिर ट्रस्ट के भीतर के वित्तीय समीकरणों और प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्वामी गोविंद देव गिरी ने साफ तौर पर कहा है कि ट्रस्ट के बैंक अकाउंट पर पूरी तरह से चंपत राय का कंट्रोल था और वे ही इसे संचालित कर रहे थे।
सबसे बड़ा खुलासा। SIT को भी नहीं मालूम चली ये बात जो भारत समाचार ने निकाली। ट्रस्ट के अकाउंट पर कुंडली मारकर बैठे थे चम्पत। कोषाध्यक्ष ने खुलासा कर दिया। रामधन गबन विवाद के बीच ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी का बड़ा बयान सामने आया है। भारत समाचार से बातचीत में गोविंद… pic.twitter.com/CP7soEV2xC
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) July 7, 2026
“चंपत राय ने ही बनाई थी व्यवस्था”
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने आंतरिक व्यवस्था की पोल खोलते हुए कहा कि वे कागजों पर जरूर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष (Treasurer) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन असल में बैंक खातों को पूरी तरह चंपत राय ही चला रहे थे। उन्होंने खुलासा किया कि बैंक अकाउंट्स को अपने नियंत्रण में रखने की यह पूरी व्यवस्था भी खुद चंपत राय द्वारा ही तैयार की गई थी। इसके साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में दोहराया कि इस पूरे गबन प्रकरण और वित्तीय अनियमितताओं में उनकी कोई भूमिका नहीं है, इसलिए वे अपने पद से इस्तीफा बिल्कुल नहीं देंगे।
गहराया जिम्मेदारी तय करने का विवाद:
भारत समाचार के इस महाखुलासे के बाद अयोध्या से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हड़कंप मच गया है। श्रद्धालुओं द्वारा राम मंदिर में चढ़ाए गए करोड़ों रुपये के चढ़ावे और ट्रस्ट के सुरक्षित कोष की सुरक्षा को लेकर अब आम जनता और संतों में भारी आक्रोश है। मांग की जा रही है कि जब कोषाध्यक्ष ने खुद चंपत राय के वित्तीय एकाधिकार की बात स्वीकार कर ली है, तो जांच एजेंसियों को चंपत राय के कार्यकाल के दौरान हुए सभी बैंकिंग लेन-देनों की नए सिरे से फोरेंसिक जांच करनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।



