केंद्रीय जांच ब्यूरो ने देश के अलग-अलग हिस्सों में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सरकारी विभागों के अधिकारियों को घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पहली बड़ी कार्रवाई शिलॉन्ग (मेघालय) में हुई, जहां NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को रिश्वत के मामले में दबोचा गया।
NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर का खेल
CBI के अनुसार, शिलॉन्ग में तैनात NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने शिकायतकर्ता के 13.38 करोड़ रुपये के बकाया बिल पास करने के लिए 12 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोपी ने इस रकम का 4 लाख रुपये का एडवांस हिस्सा गुवाहाटी में एक प्राइवेट व्यक्ति के माध्यम से लेने का निर्देश दिया था। CBI ने जाल बिछाकर दोनों बिचौलियों को 4 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा, जिसके बाद प्रोजेक्ट डायरेक्टर को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
मनाली में MES इंजीनियर का ‘रिश्वत कांड’
दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश के मनाली में CBI ने मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज़ (MES) के एक असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया। आरोपी इंजीनियर ने एक फर्म के बिल पास करने के एवज में 93,000 रुपये की घूस मांगी थी। शिकायतकर्ता ने 3 जुलाई को 40,000 रुपये दिए थे और बाकी 53,000 रुपये आज देने थे। CBI ने जाल बिछाकर इंजीनियर को घूस की रकम लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके घर से 10 लाख रुपये का कैश भी बरामद किया गया है।
अधिकारियों की बढ़ी मुश्किलें
इन दोनों मामलों में CBI ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। शिलॉन्ग और मनाली की ये गिरफ्तारियां सरकारी विभागों में चल रहे भ्रष्टाचार के प्रति CBI की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दर्शाती हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन भ्रष्टाचार के जाल में और कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं।



