उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में विकास और निर्माण परियोजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान कार्यों में सुस्ती और मानकों की अनदेखी पाए जाने पर कई बड़े अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बता दें, कार्रवाई की इस कड़ी में राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक पर गाज गिरी है, और शासन को उनके निलंबन के लिए पत्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा जल निगम के मुख्य अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों—अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता—के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई तय की गई है।

प्रशासनिक सख्ती यही नहीं रुकी; प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दो सहायक अभियंताओं का वेतन रोक दिया गया है, जबकि लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता और अवर अभियंता से भी जवाब-तलब करते हुए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, नलकूप खंड-प्रथम के अधिशासी अभियंता का भी वेतन रोकने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। डीएम के इस ताबड़तोड़ एक्शन से लापरवाह अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं में हड़कंप मच गया है।

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