मुंबई में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर AIMIM नेता वारिस पठान ने तिरंगा फहराया। उन्होंने मुंबई के बायकुला इलाके में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लिया और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस कार्यक्रम में मदरसे के बच्चों ने भी भाग लिया।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ नहीं गाने को लेकर वारिस पठान चर्चा में रहे। उन्होंने कहा कि वह ‘वंदे मातरम’ का सम्मान करते हैं, लेकिन धार्मिक कारणों से इसके कुछ अंशों का उच्चारण नहीं कर सकते।
वारिस पठान ने कहा, “मैं वंदे मातरम का सम्मान करता हूं, लेकिन कुछ पंक्तियां ऐसी हैं जिन्हें मेरा धर्म कहने की अनुमति नहीं देता। इसलिए मैं आज वंदे मातरम नहीं गाऊंगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह फैसला राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह ‘वंदे मातरम’ का आदर करते हैं, लेकिन अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण कुछ हिस्सों का पाठ नहीं कर सकते।
इस दौरान देशभर में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए गए और कई कार्यक्रमों में राष्ट्रगान के साथ ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया। लाल किले से पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से संबोधन के दौरान कहा कि आजादी के बाद पहली बार 15 अगस्त के अवसर पर लाल किले से ‘वंदे मातरम’ की गूंज सुनाई दी। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है और यह गीत हर भारतीय के दिल में ऊर्जा और देशभक्ति का भाव पैदा करता है।



