नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर तनाव बना हुआ है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार ने अब साफ कहा है कि भारत के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए शेख हसीना और अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर समेत अन्य आरोपियों का प्रत्यर्पण अहम शर्तों में शामिल है। बांग्लादेश सरकार के सूचना एवं प्रसारण मामलों के सलाहकार जाहेद उर रहमान ने यह बात कही है।

बांग्लादेश ने भारत के सामने रखी शर्त

15 सितंबर को ढाका में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जाहेद उर रहमान ने कहा कि भारत में रह रहे शेख हसीना और ओबैदुल कादर जैसे भगोड़े एवं दोषी व्यक्तियों को वापस सौंपना दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने की महत्वपूर्ण शर्त है। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के साथ हुई मुलाकात के दौरान भी प्रमुखता से उठाया गया था।

इससे पहले भी बांग्लादेश सरकार भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज करने की मांग कर चुकी है। अगस्त में प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारतीय उच्चायुक्त के साथ मुलाकात में इस मुद्दे पर भारत से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई थी।

भारत ने कहा- कानूनी प्रक्रिया के तहत हो रही जांच

शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर भारत का रुख फिलहाल प्रक्रियात्मक है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बांग्लादेश से मिले प्रत्यर्पण अनुरोध की स्थापित प्रक्रियाओं और संबंधित कानूनी पहलुओं के तहत जांच की जा रही है। अभी तक भारत की ओर से प्रत्यर्पण को लेकर कोई अंतिम फैसला घोषित नहीं किया गया है।

शेख हसीना पर क्या है मामला?

शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश में छात्र-नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन के बाद देश छोड़कर भारत आ गई थीं। बाद में बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई। हसीना ने अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार किया है।

सितंबर में बांग्लादेश सरकार के सलाहकार जाहेद उर रहमान ने कहा था कि सरकार शेख हसीना को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है और उनका प्रत्यर्पण केवल भारत पर दबाव बनाने की रणनीति नहीं है।

शेख हसीना ने दिसंबर में लौटने की बात कही

इस बीच शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने दिसंबर में देश लौटने और अदालत का सामना करने की बात कही है। हालांकि, बांग्लादेश सरकार का कहना है कि वह उनके स्वैच्छिक लौटने का इंतजार करने के बजाय उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया चाहती है।

तारिक रहमान के भारत दौरे पर भी बना संशय

शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा प्रधानमंत्री तारिक रहमान के संभावित भारत दौरे से भी जुड़ा हुआ है। अगस्त में बांग्लादेश ने कहा था कि दोनों देशों के बीच बेहतर माहौल बनना इस यात्रा के लिए महत्वपूर्ण है। उस समय ढाका ने भारत से शेख हसीना और अन्य आरोपियों के प्रत्यर्पण पर कार्रवाई की उम्मीद जताई थी।

अगस्त में तारिक रहमान के भारत दौरे की खबरों के बीच बांग्लादेश ने कहा था कि यात्रा पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है और वह भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध पर जवाब का इंतजार कर रहा है।

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में हसीना मुद्दा अहम

शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में प्रमुख विवादों में से एक बना हुआ है। ढाका लगातार प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जबकि नई दिल्ली ने कहा है कि अनुरोध की कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत समीक्षा की जा रही है। ऐसे में आगे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत में यह मुद्दा महत्वपूर्ण बना रह सकता है।

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