इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लार्सन एंड टुब्रो की याचिका खारिज कर दी। जेवर एयरपोर्ट को बुलंदशहर के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के पैकेज-1 में कंपनी की तकनीकी बोली खारिज करने का UPEIDA का फैसला बरकरार रहा।
L&T की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और जे.एन. माथुर ने पैरवी की। UPEIDA की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने पक्ष रखा। अदालत ने मेहरोत्रा की इस दलील से सहमति जताई कि एक कंपनी को शर्तों में छूट देना बाकी संभावित बोलीदाताओं के साथ अन्याय होगा।
न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की पीठ ने स्पष्ट किया कि पात्रता बोली जमा करने की अंतिम तारीख पर तय होगी। 7 सितंबर 2026 को L&T पर यूपी जल जीवन मिशन की रोक लागू थी। 14 सितंबर को रोक स्थगित होने से कंपनी पिछली तारीख से पात्र नहीं हो सकती।
L&T की ओर से करीब 252 करोड़ रुपये कम कीमत की दलील भी दी गई। अदालत ने कहा कि कम कीमत का प्रस्ताव किसी अपात्र कंपनी को टेंडर में शामिल होने का अधिकार नहीं देता।
29 सितंबर के फैसले में हाईकोर्ट ने UPEIDA के निर्णय को मनमाना या दुर्भावनापूर्ण मानने से इनकार किया और किसी भी अंतरिम आदेश को भी समाप्त कर दिया।













