हेल्थ डेस्क : वैज्ञानिकों ने स्टेम सेल्स की एक ऐसी नई और अनोखी आबादी की पहचान की है जो पूरे शरीर में टेंडन और लिगामेंट्स के लिए एक मास्टर सोर्स के रूप में काम करती है। यह कनेक्टिव टिशू मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ने का काम करते हैं। ‘सेल’ पत्रिका में पब्लिश हुई इस नई रिसर्च के मुताबिक, लम्बर स्पाइनल स्टेनोसिस (Lumber Spinal Stenosis) जैसी गंभीर स्थिति में ये सेल्स असामान्य रूप से बहुत अधिक एक्टिव हो जाते हैं। इस बीमारी के कारण मोटे हो चुके लिगामेंट्स स्पाइनल कैनाल के अंदर की जगह को कम कर देते हैं, जिससे रीढ़ की नसों पर दबाव पड़ता है और मरीजों को गंभीर दर्द, सुन्नपन और चलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह समस्या दुनिया भर में लगभग 103 मिलियन लोगों को प्रभावित करती है।
वेल कॉर्नेल मेडिसिन एंड हॉस्पिटल फॉर स्पेशल सर्जरी के रिसर्चर्स ने पाया कि ये खास स्टेम सेल्स टेंडन और लिगामेंट के भीतर एक विशिष्ट स्थान पर रहते हैं, जो टिशू की ग्रोथ और रिपेयर के लिए एक रिजर्वॉयर का काम करते हैं। चूहों पर किए गए अध्ययन के दौरान यह भी सामने आया कि कैल्शियम सिग्नलिंग को कम करने से चूहों में इस असामान्य ग्रोथ को सफलतापूर्वक रोका जा सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस खोज से भविष्य में हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली पुरानी दवाओं को भी इसके उपचार में शामिल करने की नई संभावनाएं खुल सकती हैं।
स्टडी के सह-लेखक डॉ. मैथ्यू ग्रीनब्लाट और डॉ. श्रविष्ट अय्यर ने बताया कि इन खास स्टेम सेल्स की पहचान होने से अब मरीज़ों को केवल सर्जरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि बीमारी के शुरुआती कारणों को मैकेनिस्टिकली ठीक किया जा सकेगा। यह यूनिवर्सल स्टेम सेल नीकैप लिगामेंट और अकिलीज़ टेंडन समेत शरीर के कई हिस्सों में मौजूद पाया गया है। स्टेनोसिस से पीड़ित मरीजों के लिगामेंट में ये सेल्स सामान्य लोगों की तुलना में काफी अधिक संख्या में पाए गए हैं, जो भविष्य में रीढ़ की हड्डी के इलाज के तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखते हैं।














