यूनियन कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसमें गेहूं, जौ, चना, सरसों, कुसुम और मसूर शामिल हैं।
छह फसलों की MSP में बढ़ोतरी
सरकार के फैसले के बाद गेहूं का MSP 2610 रुपये प्रति क्विंटल, चना 5928 रुपये प्रति क्विंटल, जौ 2286 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर 7390 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों 6613 रुपये प्रति क्विंटल और कुसुम (Safflower) 7215 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
कुसुम के MSP में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
MSP में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम के लिए 675 रुपये प्रति क्विंटल की गई है। इसके बाद रेपसीड और सरसों के MSP में 413 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चना में 83 रुपये और गेहूं में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
सरकार ने खेती को बढ़ावा दिया: अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत पर अनुमानित मार्जिन गेहूं के लिए 106 फीसदी है। इसके बाद रेपसीड और सरसों के लिए 96 फीसदी, मसूर के लिए 92 फीसदी, चना के लिए 59 फीसदी, जौ के लिए 58 फीसदी और कुसुम के लिए 50 फीसदी है।
उन्होंने कहा कि रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी से किसानों को अच्छी कीमत मिलेगी और फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
गेहूं और छह रबी फसलों की खरीद का आंकड़ा
अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, हाल के वर्षों में सरकार ने इन फसलों के लिए अधिक MSP देकर गेहूं-चावल के अलावा दालों और तिलहन जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा दिया है।
2014-15 से 2025-26 के दौरान गेहूं की खरीद बढ़कर 3715 लाख मीट्रिक टन (LMT) हो गई, जबकि 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह 2254 LMT थी। इसी अवधि में छह रबी फसलों की खरीद 3921 LMT तक पहुंच गई, जबकि 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह 2302 LMT थी।
MSP भुगतान में भी हुई बढ़ोतरी
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 2014-15 से 2025-26 के दौरान गेहूं उगाने वाले किसानों को दी गई MSP राशि बढ़कर 7.31 लाख करोड़ रुपये हो गई है। 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह राशि 2.56 लाख करोड़ रुपये थी।
वहीं, 2004-05 से 2013-14 के दौरान छह रबी फसलों के किसानों को दिए गए MSP का कुल मूल्य 2.65 लाख करोड़ रुपये था, जो 2014-15 से 2025-26 के दौरान बढ़कर 8.36 लाख करोड़ रुपये हो गया।
दिल्ली में ITMS को भी मंजूरी
कैबिनेट ने दिल्ली के ट्रैफिक में सुधार के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, दिल्ली में 1529 ट्रैफिक सिग्नल अभी फिक्स मैनुअल सिस्टम पर काम करते हैं। ITMS लागू होने के बाद ये सिग्नल ट्रैफिक के हिसाब से अपना समय खुद एडजेस्ट कर सकेंगे।
इस योजना को तीन चरणों में लागू किया जाएगा और अलग-अलग कॉरिडोर में अलग-अलग समय पर इसे लागू किया जाएगा। इस परियोजना पर 1790 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज III को मंजूरी
कैबिनेट ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज के साथ रिन्यूएबल एनर्जी को पहुंचाने के लिए 1.86 लाख करोड़ रुपये की ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज III योजना को भी मंजूरी दी है।













