देहरादून: उत्तराखंड में लगातार 24 घंटे से हो रही मूसलधार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर ऊधमसिंह नगर के काशीपुर और हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में देखने को मिला है।
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान काशीपुर में सबसे अधिक 206 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं, तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे पहुंच गया है।
107 सड़कें बंद, भूस्खलन से बढ़ी परेशानी
भारी बारिश के कारण उत्तराखंड में करीब 107 संपर्क मार्ग भूस्खलन और मलबा आने से बाधित हो गए हैं। चमोली और कर्णप्रयाग क्षेत्रों में हालात ज्यादा गंभीर बने हुए हैं। कर्णप्रयाग-पिंडरघाटी इलाके में कई मोटर मार्ग और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हुए हैं।
चमोली में बदरीनाथ हाईवे पर भनेरपानी के पास भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग करीब साढ़े तीन घंटे तक बंद रहा। गढ़वाल क्षेत्र में भी 20 से अधिक मार्गों के बार-बार बाधित होने की सूचना है।
वहीं, कुमाऊं क्षेत्र में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर चंपा मंदिर के पास बड़ी चट्टानें खिसकने से चीन सीमा से संपर्क प्रभावित हुआ है। ऊधमसिंह नगर को छोड़कर कुमाऊं के पांच जिलों में 54 सड़कें मलबे और भूस्खलन के कारण बंद हैं।
नैनीताल झील का बढ़ा जलस्तर, नौकायन रोका गया
भारी बारिश के चलते नैनीताल झील का जलस्तर बढ़ गया है। सुरक्षा को देखते हुए झील में नौकायन बंद कर दिया गया है। टिहरी जिले में भी भूस्खलन की चपेट में आने से एक पुराना मकान क्षतिग्रस्त हो गया।
कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत में रेड अलर्ट, जबकि देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
भारी से अत्यंत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम अलर्ट को देखते हुए देहरादून, पौड़ी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और बागेश्वर जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
नदियों का बढ़ा जलस्तर, प्रशासन अलर्ट
बारिश के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। अलकनंदा, पिंडर, गंगा, काली, सरयू और गौरी नदियां उफान पर हैं। हालांकि अभी सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करें।











