मेरठ : असपा के नेशनल प्रेसिडेंट और MP चंद्रशेखर काफिले के साथ मृतक ललिता के परिजनों से मिलने जा रहे थे। उससे पहले ही पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन ने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सिवाया टोल के पास बैरिकेड्स लगाकर उनके काफिले को रोक लिया।
MP के साथ पूर्व ADG प्रेम प्रकाश भी थे। इसके बाद MP भीड़ के साथ टोल प्लाजा के पास धरने पर बैठ गए। साथ ही पुलिस ने एडमिनिस्ट्रेटिव अफसरों को चेतावनी दी कि जब तक पीड़ित अपने परिजनों से नहीं मिलते, उनकी समस्याएं नहीं सुनते, वे वापस नहीं जाएंगे।
जाने सांसद चंद्रशेखर ने कहा कहा
अपने संबोधन में सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि बिहार में भरत तिवारी के पास पिस्तौल थी। वह भी न्याय मांग रहा था, लेकिन पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया। उसके एनकाउंटर का सभी ने विरोध किया, लेकिन मेरठ के कलेक्ट्रेट पर मृतक ललिता के रिश्तेदार, रिश्तेदार और समाज के लोग न्याय मांग रहे थे। उन्होंने उस पर लाठियां बरसाईं और थप्पड़ मारे।
जबकि उनके हाथ में वह पिस्तौल एक डंडा भी दूर नहीं थी। जिस तरह से कप्तान ने दलित समाज के लोगों को पीटा है, वह अत्याचार दिखाता है। उन्होंने कहा कि जब भी वह किसी जाति के पीड़ितों को न्याय दिलाने निकलते हैं, तो उनके रास्ते में बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया जाता है। यह उचित नहीं है।
‘यह CO लेवल का मामला था, कप्तान ने अपने सीनियर्स को खुश करने के लिए कदम उठाया’
पूर्व ADG प्रेम प्रकाश भी MP चंद्रशेखर के साथ थे। अपने संबोधन में पूर्व ADG ने कहा कि पीड़ितों पर लाठी चलाने में कोई कानून नहीं है। मांग करना अपने हक की लड़ाई शांति से लड़नी चाहिए। दलितों पर जो लाठी फेंकी गई, वह ठीक नहीं है।
बता दे कि शांतिपूर्ण और निहत्थे दलित समाज के लोग सिर्फ न्याय मांगने के लिए बैठे थे। हालांकि भीड़ को समझाना और मांग सुनना CO लेवल का मामला था, लेकिन कप्तान ने अपने सीनियर्स को खुश करने के लिए यह कदम उठाया। बोले हमने भी पुलिस की नौकरी की है। ला एंड ऑर्डर कैसे सभला जाता है, यह हमको भी आता है। उन्होंने कहा कि इस पंचायत में सिर्फ़ SP लेवल के अधिकारी हैं, उन्हें अपने सीनियर अधिकारियों से बात करनी चाहिए। ज़रूरत पड़ी तो हम बात करेंगे।












