उरई (जालौन): रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जायघा में 15 साल पहले हुए एक मामूली विवाद का खूनी और खौफनाक अंत सामने आया है। बच्चों के झगड़े में हुए अपमान का बदला लेने के लिए एक कलयुगी बेटे ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर चारपाई पर सो रही 50 वर्षीय बेकसूर महिला की कुल्हाड़ी और डंडे से प्रहार कर बेरहमी से हत्या कर दी। रामपुरा थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का सनसनीखेज राजफाश कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?
बुधवार की रात ग्राम जायघा निवासी मीना देवी (50 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय कल्लू सिंह राजावत अपने घर के बाहर चारपाई पर सो रही थीं। इसी दौरान रात के अंधेरे में आरोपियों ने उनके सिर और चेहरे पर उल्टी कुल्हाड़ी और डंडे से ताबड़तोड़ चार प्रहार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। गुरुवार सुबह जब ग्रामीणों ने खून से लथपथ शव देखा, तो इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विनय कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

15 साल पुरानी रंजिश और समझौते का दबाव बनी वजह
शुक्रवार को गुजरात के अंकलेश्वर में रह रहे मृतका के पुत्र देवेंद्र सिंह ने गांव पहुंचकर लला उर्फ सहदेव और रन सिंह उर्फ बसंतू के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लिया, जिसके बाद उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में हत्या की दो मुख्य वजहें सामने आईं:

15 साल पुराना अपमान: आरोपी रन सिंह ने बताया कि 15 साल पहले बच्चों के विवाद में मीना देवी ने उसके पिता जन्ट सिंह को सरेआम चप्पल मारकर बेइज्जत किया था। रन सिंह इस बात को भूला नहीं था और तब से रंजिश पाले बैठा था।

दहेज केस में समझौते का दबाव: दूसरे आरोपी लला उर्फ सहदेव की बेटी की शादी जिस गांव में हुई थी, उसी गांव में मीना देवी की बेटी की भी ससुराल थी। चार साल पहले मीना की बेटी की संदिग्ध मौत पर दहेज हत्या का केस दर्ज हुआ था। लला इस केस में समझौते के लिए मीना देवी पर दबाव बना रहा था, लेकिन मीना देवी के मना करने पर वह भी उनका दुश्मन बन गया था।

पैर के घाव से खुला राज: हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी जंगल की तरफ भागे थे। भागते समय खेतों में लगे कटीले तारों से उनके पैरों में गहरे घाव हो गए थे। पुलिस की कड़ाई से पूछताछ और इन शारीरिक साक्ष्यों के सामने आते ही आरोपियों का झूठ टिक नहीं सका।

अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रामपुरा थाना प्रभारी शिवप्रकाश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 24 घंटे में इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और डंडा बरामद कर लिया गया है और शनिवार को दोनों को जेल भेज दिया गया है।

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