लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को पार्टी कार्यालय में राष्ट्रीय प्रवक्ताओं समेत सभी प्रवक्ताओं के साथ करीब दो घंटे बैठक की। बैठक में टीवी डिबेट, सोशल मीडिया और संवेदनशील मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखने को लेकर कई अहम बातें हुईं। अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं से बिना तैयारी किसी भी डिबेट में शामिल होने से बचने की सलाह दी।
बिना तैयारी डिबेट में जाने से बचें
अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर बोलने से पहले उसकी पूरी जानकारी जुटाना जरूरी है। बिना तैयारी के डिबेट में जाने पर स्थिति हास्यास्पद हो सकती है। उन्होंने प्रवक्ताओं से कहा कि जब तक किसी मामले की पूरी जानकारी न हो, तब तक उस पर बयान देने से बचना चाहिए और तथ्यों को समझने के बाद ही पार्टी का पक्ष रखना चाहिए।
जाति-धर्म से जुड़े मुद्दों पर सावधानी की सलाह
बैठक में जाति और धर्म से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को ऐसे मामलों में सावधानी से बोलने और भाषा व शब्दों के चयन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं है और कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है।
‘10 सेकेंड की रील से बनती-बिगड़ती है छवि’
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रवक्ताओं की कही गई बात तेजी से वायरल हो सकती है। उन्होंने कहा कि 10 सेकेंड की एक रील भी पार्टी की छवि बनाने या बिगाड़ने में भूमिका निभा सकती है। ऐसे में टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर बयान देते समय सतर्कता जरूरी है।
पार्टी के आधिकारिक रुख के अनुरूप बयान देने पर जोर
अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं से कहा कि मीडिया या सोशल मीडिया पर दिया गया बयान व्यक्तिगत टिप्पणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसे पार्टी के रुख से जोड़कर देखा जा सकता है। इसलिए प्रवक्ताओं को तथ्यों और पार्टी की आधिकारिक लाइन के आधार पर ही अपनी बात रखनी चाहिए। बैठक में राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी समेत अन्य प्रवक्ता मौजूद रहे।



