नई दिल्ली : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के एक बेहद गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह को गिरफ्तार किया है। इंस्पेक्टर पर आरोप है कि उसने पुडुचेरी के एक कारोबारी से जुड़े कथित फर्जी ड्रग मैन्युफैक्चरिंग (दवा निर्माण) केस की जांच को दबाने और प्रभावित करने के एवज में ₹3 करोड़ की भारी-भरकम रिश्वत मांगी थी।

जाल बिछाकर पकड़ा गया इंस्पेक्टर और बिचौलिया
सीबीआई के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम को एक पुख्ता इनपुट के आधार पर जाल बिछाया गया था। इस दौरान सीबीआई की टीम ने इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और उनके साथ शामिल बिचौलिए राजकुमार को रंगे हाथों धर दबोचा। गिरफ्तारी के वक्त दोनों आरोपियों के पास से ₹24.70 लाख की नगदी बरामद की गई है, जिसे रिश्वत की पहली किश्त या हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

DGCA अधिकारी का कनेक्शन भी जांच के घेरे में
इस हाईप्रोफाइल रिश्वत कांड के तार अब विमानन नियामक संस्था DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस पूरे मामले में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जो DGCA के रीजनल डायरेक्टर स्तर का बताया जा रहा है। सीबीआई अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर, बिचौलिए और इस उच्च पदस्थ DGCA अधिकारी के बीच क्या सांठगांठ थी और इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।

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