डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक बार फिर सैन्य गतिविधियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी सेना की ओर से ईरान के रणनीतिक केशम द्वीप पर गुप्त हवाई हमले किए जाने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि इन हमलों को बेहद सीमित दायरे में अंजाम दिया गया, ताकि दोनों देशों के बीच तनाव और न बढ़े। हालांकि, इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंकाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
केशम द्वीप पर धमाकों से मची हलचल
रिपोर्ट के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थित केशम द्वीप पर कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने द्वीप पर गुप्त और सीमित सैन्य कार्रवाई की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, इन अभियानों को इस तरह अंजाम दिया गया कि अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ किसी बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत का संकेत न जाए। हालांकि, हमले के सटीक ठिकानों और नुकसान को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
नेतन्याहू ने ट्रंप से की थी नए हमले की मांग
इस घटनाक्रम के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत भी चर्चा में है। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच जारी संपर्क और सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
बताया गया है कि नेतन्याहू ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ नए सिरे से सैन्य कार्रवाई पर विचार करने का आग्रह किया था। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले केशम द्वीप पर हमले की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर क्या कहा था?
अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने हैं। इससे पहले जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या चुनाव के बाद ईरान पर फिर से हमला करने की योजना है, तो उन्होंने इससे इनकार किया था। हालांकि, केशम द्वीप पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद ट्रंप के बयान और जमीनी घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत भी जारी
अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से जारी संघर्ष के बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं तलाशने की कोशिशें जारी हैं। एक तरफ बातचीत के रास्ते खुले रखने की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ सैन्य कार्रवाई की खबरें क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा रही हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। ऐसे में केशम द्वीप पर किसी भी सैन्य गतिविधि का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रह सकता। फिलहाल इस कथित हमले के पूरे विवरण और इसके संभावित प्रभावों पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।













