डेस्क : चीन की राजनीति में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने इतिहास की सबसे बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों में से एक के तहत 33 वरिष्ठ अधिकारियों को पार्टी से बाहर कर दिया है। इस कार्रवाई में सेना, सरकार, कूटनीति और आर्थिक संस्थानों से जुड़े कई बड़े नाम शामिल हैं। 29 अक्टूबर को बीजिंग में संपन्न हुई कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी की पांचवीं प्लेनम बैठक में इन निष्कासनों की पुष्टि की गई। इसकी जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की ओर से जारी आधिकारिक बयान में दी गई।
33 अधिकारियों पर गिरी गाज, सेना के 16 बड़े नाम शामिल
बता दे कि इस कार्रवाई की सबसे अहम बात यह है कि निष्कासित किए गए 33 अधिकारियों में 16 सैन्य क्षेत्र से जुड़े हैं। इनमें सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पूर्व उपाध्यक्ष झांग यूशिया और पूर्व सैन्य अधिकारी लियू झेनली जैसे वरिष्ठ नाम शामिल हैं। झांग यूशिया कभी चीन की सैन्य व्यवस्था में सबसे प्रभावशाली पदों पर रहे थे।
इसके अलावा शिनजियांग के पूर्व पार्टी प्रमुख मा शिंगरुई, विदेश मामलों के विभाग के पूर्व प्रमुख लियू जियानचाओ, पूर्व उद्योग मंत्री जिन झुआंगलोंग और प्रतिभूति नियामक आयोग के पूर्व अध्यक्ष यी हुईमन को भी पार्टी से निष्कासित किया गया है। शी जिनपिंग के पूर्व सहयोगी झोंग शाओजुन का नाम भी इस सूची में शामिल बताया गया है।
सेंट्रल कमेटी की बैठक में रिकॉर्ड कम उपस्थिति
बीजिंग में हुई चार दिवसीय बैठक में सेंट्रल कमेटी के कुल 376 पूर्ण और वैकल्पिक सदस्यों में से केवल 279 सदस्य शामिल हुए। यानी कुल सदस्यों की करीब 74.2 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, शी जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद पहली बार किसी प्लेनम में सदस्यों की संख्या 300 से नीचे रही। इस कम उपस्थिति को पार्टी के भीतर चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाइयों और बड़े स्तर पर हुए निष्कासनों से जोड़कर देखा जा रहा है।
सैन्य आयोग में सिमटी ताकत, झांग शेंगमिन को मिली अहम जिम्मेदारी
कार्रवाई के बाद चीन के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में सदस्यों की संख्या घटकर दो रह गई है। इसमें राष्ट्रपति शी जिनपिंग और सैन्य भ्रष्टाचार विरोधी अभियान से जुड़े झांग शेंगमिन शामिल हैं। बैठक में झांग शेंगमिन को पोलित ब्यूरो का सदस्य भी चुना गया। यह चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था है। इस बदलाव को सैन्य नेतृत्व में हुए व्यापक फेरबदल के अहम हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का दिया गया हवाला
कम्युनिस्ट पार्टी के आधिकारिक बयान में अधिकारियों पर अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। हालांकि, सभी निष्कासित अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए विशिष्ट आरोपों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पार्टी ने अपने बयान में आंतरिक निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, अधिकारियों के चयन और नियुक्ति प्रक्रिया को सख्त बनाने तथा भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए व्यापक कदम उठाने की बात कही है। शी जिनपिंग के 2012 में सत्ता संभालने के बाद से भ्रष्टाचार विरोधी अभियान लगातार चल रहा है। पार्टी के अनुशासन आयोग के मुताबिक, इस अभियान के तहत अब तक लाखों लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
2027 की पार्टी कांग्रेस पर नजर
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने 21वीं राष्ट्रीय कांग्रेस को 2027 की दूसरी छमाही में आयोजित करने का फैसला किया है। इस कांग्रेस में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और सेंट्रल कमेटी की नई संरचना तय होगी। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि इस व्यापक फेरबदल का आगामी नेतृत्व परिवर्तन पर क्या असर पड़ेगा। शी जिनपिंग के चौथे कार्यकाल की संभावनाओं को लेकर भी इस कांग्रेस को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, 33 वरिष्ठ अधिकारियों का निष्कासन चीन की राजनीतिक और सैन्य व्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत है। आने वाले समय में इन फैसलों का चीन के सत्ता तंत्र और सैन्य नेतृत्व पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर दुनिया की नजर रहेगी।














