मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के लिए राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। साल 2020 में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद उपजे विवादों और कानूनी पचड़ों में फंसी रिया चक्रवर्ती को अब आर्थिक मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है। विशेष एनडीपीएस (NDPS) कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती के बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से ‘अनफ्रीज’ करने का आदेश जारी कर दिया है।
NCB की कार्यप्रणाली पर कोर्ट की तल्ख टिप्पणी
शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा की गई प्रक्रियात्मक चूक पर उंगली उठाई। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि जांच एजेंसी ने बैंक खातों को फ्रीज करते समय एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68एफ के तहत अनिवार्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। कानून के मुताबिक, यदि कोई एजेंसी किसी की संपत्ति या बैंक खाते को जब्त या फ्रीज करती है, तो 30 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी से उसकी पुष्टि (Confirmation) कराना अनिवार्य होता है। इस मामले में, NCB निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक मंजूरी हासिल करने में विफल रही, जिसके कारण यह पूरी कार्रवाई कानूनी रूप से अमान्य हो गई।
क्या था पूरा विवाद?
सितंबर 2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के दौरान ड्रग्स का एंगल सामने आया था। इसी जांच के सिलसिले में NCB ने रिया और शौविक के खातों को फ्रीज कर दिया था, जिससे उनकी वित्तीय लेनदेन की क्षमता पूरी तरह ठप हो गई थी। रिया पर सुशांत को नशीले पदार्थ उपलब्ध कराने और एक सिंडिकेट का हिस्सा होने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें करीब एक महीने तक न्यायिक हिरासत में भी रहना पड़ा था। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन उनके बैंक खातों पर लगी रोक पिछले चार वर्षों से बरकरार थी।
अभियोजन पक्ष की दलीलें हुईं खारिज
कोर्ट में अभियोजन पक्ष (Prosecution) ने रिया की याचिका का पुरजोर विरोध किया। सरकारी वकील ने रिया के पुराने बयानों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि वह ड्रग नेटवर्क का हिस्सा थीं और जांच के हित में खातों को फ्रीज रखना जरूरी था। हालांकि, माननीय न्यायाधीश ने इन दलीलों को दरकिनार करते हुए कहा कि कानून की उचित प्रक्रिया का उल्लंघन किसी भी आधार पर स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने माना कि जब कानून के तहत तय समय में सही आदेश पारित नहीं किया गया, तो खातों पर पाबंदी जारी रखने का कोई ठोस आधार नहीं बचता।
वित्तीय स्वतंत्रता की ओर कदम
इस आदेश के बाद अब रिया और उनके भाई अपने बैंक खातों का सामान्य रूप से इस्तेमाल कर सकेंगे। यह फैसला न केवल उनके लिए एक व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह जांच एजेंसियों के लिए भी एक संदेश है कि किसी भी कार्रवाई के दौरान कानूनी प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। रिया चक्रवर्ती, जो पिछले कुछ समय से धीरे-धीरे अपने करियर और सार्वजनिक जीवन को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रही हैं, उनके लिए यह अदालती फैसला एक बड़ी मानसिक और आर्थिक राहत लेकर आया है।



