मुंबई: भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद और अपूरणीय क्षति की खबर सामने आई है। हिंदी, मराठी, गुजराती और बंगाली सहित कई भाषाओं में अपनी जादुई आवाज से हजारों गानों को अमर बनाने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका (Playback Singer) पद्म भूषण सुमन कल्याणपुर का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से संगीत प्रेमियों और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। देश के वरिष्ठ राजनेताओं और मंत्रियों ने भारतीय संगीत में उनके बेमिसाल योगदान को याद करते हुए उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी है।
नितिन गडकरी ने कहा- ‘संगीत जगत के लिए बहुत बड़ा नुकसान’
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सुमन कल्याणपुर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर लिखा, “मशहूर और सीनियर प्लेबैक सिंगर पद्म भूषण सुमन कल्याणपुर के गुजर जाने की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। मराठी, हिंदी और कई दूसरी भाषाओं में उन्होंने अपनी आवाज से हजारों गानों को अमर कर दिया। सुमनजी की मीठी आवाज में गाए ‘केतकीच्या बानी तीथे’, ‘संग कढ़ी कलनार तुला’, ‘निम्बोन्याच्या झड़माघे’ जैसे मशहूर मराठी गाने आज भी संगीत प्रेमियों की जुबान पर हैं। भगवान दिवंगत आत्मा को शांति दें।”
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बताया- ‘सात्विक और एवरग्रीन आवाज’
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सुमनजी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी कोमल और शुद्ध आवाज ने संगीत की दुनिया में एक पवित्रता वापस लाई थी। उन्होंने कहा, “सुमन कल्याणपुर के दुखद निधन ने संगीत प्रेमियों की दो पीढ़ियों को जोड़ने वाला एक मधुर धागा तोड़ दिया है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में मोहम्मद रफी साहब के साथ गाए उनके डुएट आज भी सुनने वालों की यादों में ताजा हैं। ‘ना तुम हमें जानो’ और ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ जैसे गानों ने उनकी आवाज के जादू को हमेशा के लिए स्थापित कर दिया था।”
उन्होंने आगे याद दिलाया कि संगीत के प्रति उनकी इसी अथक और निस्वार्थ सेवा के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2023 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया था। भले ही वह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज हमेशा अमर रहेगी।
शरद पवार बोले- ‘भारतीय सुगम संगीत के एक सुनहरे युग का अंत’
एनसीपी (NCP-SCP) प्रमुख शरद पवार ने भी सुमन कल्याणपुर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे एक सुनहरे दौर का अंत बताया। शरद पवार ने ‘X’ पर लिखा, “अपनी मीठी, सुरीली और दिल को छू लेने वाली आवाज से उन्होंने इंडियन म्यूजिक की दुनिया को समृद्ध बनाया। हिंदी, मराठी और कई अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में उनके अमर गानों ने पीढ़ियों के दिलों पर राज किया है। उनके जाने से क्लासिकल और लाइट म्यूजिक (सुगम संगीत) की दुनिया में एक सुनहरे युग का अंत हो गया है।”
लता जी जैसी सुरीली आवाज और अमर गानों का सफर
सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर में ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे’ और ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ जैसे अनगिनत टाइमलेस क्लासिक्स गानों को अपनी खूबसूरत आवाज दी थी। संगीत के जानकार बताते हैं कि उनकी आवाज में इतनी मधुरता और शुद्धता थी कि अक्सर लोग उनकी आवाज को स्वर कोकिला लता मंगेशकर की आवाज समझ लिया करते थे। प्लेबैक सिंगिंग में अपना एकछत्र और सफल मुकाम बनाने से पहले उन्होंने लता मंगेशकर के साथ दो बेहद खूबसूरत युगल गीत (Duets) भी गाए थे। उनका जाना भारतीय संगीत के एक बड़े अध्याय का बंद होना है।



