नोएडा। सस्ते हवाई टिकट दिलाने का झांसा देकर अमेरिकी और यूरोपीय देशों के नागरिकों से करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का सेक्टर-63 थाना पुलिस ने शनिवार को सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने सेक्टर-63 के एच ब्लॉक स्थित एक कॉल सेंटर पर सुनियोजित छापेमारी कर गिरोह के सरगना सहित कुल 13 अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मौके से 13 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, राउटर, 10 हेडफोन और बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
आठ महीने से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
डीसीपी शैलेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर-63 के एच ब्लॉक में एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है, जहाँ से विदेशी नागरिकों को सस्ते एयर टिकट का लालच देकर ठगा जा रहा है। पुलिस टीम ने मौके पर जाकर सत्यापन किया तो सूचना पूरी तरह सटीक पाई गई। इसके बाद छापेमारी कर 13 आरोपियों को दबोच लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि यह कॉल सेंटर पिछले आठ महीनों से लगातार संचालित हो रहा था और अब तक एक हजार से अधिक विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बना चुका है। अनुमानित रूप से गिरोह 10 करोड़ रुपये (करीब 10.50 लाख अमेरिकी डॉलर) से अधिक की ठगी कर चुका है।
गूगल-फेसबुक पर विज्ञापन देकर फंसाते थे शिकार
एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने गिरोह के कार्य करने के तरीके का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी गूगल और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन चलाकर अमेरिकी और यूरोपीय नागरिकों को अपना निशाना बनाते थे। विज्ञापन में दिए गए नंबरों पर जैसे ही कोई विदेशी नागरिक संपर्क करता, वह आरोपियों के लैपटॉप में इंस्टॉल डायलर सॉफ्टवेयर के माध्यम से सीधे कॉल सेंटर से जुड़ जाता था। इसके बाद अभियुक्त खुद को किसी प्रतिष्ठित एयरलाइंस कंपनी या ट्रैवल एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर अमेरिकी और यूरोपीय एक्सेंट में धाराप्रवाह बातचीत करते और पीड़ितों का विश्वास जीत लेते थे।
फर्जी टिकट भेजकर तोड़ देते थे संपर्क
आरोपी पीड़ितों को बेहद सस्ते दामों पर एयर टिकट और विशेष ऑफर का लालच देकर टिकट बुकिंग के नाम पर डॉलर में ऑनलाइन भुगतान करा लेते थे। भुगतान प्राप्त होने के बाद वे पीड़ित के ईमेल पर एक फर्जी टिकट भेजकर अपने सभी मोबाइल नंबर, सिस्टम और डिजिटल माध्यम पूरी तरह बदल देते थे और संपर्क तोड़ देते थे। हकीकत में टिकट कभी बुक होते ही नहीं थे। जब यात्रा की तारीख नजदीक आने पर पीड़ित टिकट की पुष्टि करते, तब उन्हें ठगी का अहसास होता। थाना प्रभारी अमित काकरान ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप और अन्य दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच से स्पष्ट है कि यह गिरोह एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क के रूप में बेहद संगठित तरीके से संचालित हो रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
गिरफ्तार अभियुक्तों में दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-15 निवासी रवि खुराना, साहिब चौहान, हिमाचल प्रदेश के विकास नगर निवासी दीपक कुमार, आगरा के प्रेमनगर निवासी शोभित दीक्षित, दिल्ली के न्यू मोतीनगर निवासी दिलीप पांडेय, बिहार के सासाराम के राजपुर गांव निवासी शुभम चौधरी, वाराणसी के सुसवानी निवासी रित्विक राय, बुलंदशहर के घनसूरपुर गांव निवासी हिमांशु मलिक, दिल्ली के लक्ष्मीनगर निवासी प्रत्यक्ष शर्मा, देव अग्रवाल, बलिया के धनौती गांव निवासी आरती, दिल्ली के पांडव नगर निवासी स्वाती रागौर और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख निवासी जितेश कामरा शामिल हैं। सभी आरोपी शिक्षित हैं और विभिन्न राज्यों से ताल्लुक रखते हैं। पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और विदेशी संपर्कों की भी गहनता से जांच कर रही है।



