उत्तर प्रदेश की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर लखनऊ से सामने आ रही है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना विपक्ष के रवैये से बेहद आहत नजर आए हैं और उन्होंने सदन में ही अपना पद छोड़ने तक की बड़ी चेतावनी दे दी है। उनके इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है और पक्ष-विपक्ष दोनों खेमों में हलचल तेज हो गई है।

सदन में क्यों गरमाई सियासत?
बता दें कि पिछले दिन यानी कल विधानसभा में विपक्ष ने राम मंदिर के मुद्दे पर जमकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान सदन की कार्यवाही बाधित होने और हंगामे के चलते नाराज विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक सचिन यादव को सदन से बाहर कर दिया था और उन्हें सत्र से निष्कासित कर दिया गया था। इसी घटनाक्रम के बाद आज जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो अध्यक्ष सतीश महाना ने अपनी पीड़ा व्यक्त की।

“पद पर रहने लायक हूं या नहीं, विचार करूंगा”
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सतीश महाना ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि जिस तरह का माहौल सदन में बनाया जा रहा है, उससे वह काफी आहत हैं। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि वे अब इस बात पर गंभीरता से विचार करेंगे कि वे इस गरिमामयी पद पर बने रहने के लायक हैं या नहीं। स्पीकर के इस अप्रत्याशित और कड़े बयान से सदन में सन्नाटा पसर गया।

सतीश महाना सदन की गरिमा और नियमों का पालन कराने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन लगातार हो रहे हंगामे और विरोध के चलते उनके इस कदम ने सूबे की सियासत में नया भूचाल ला दिया है। फिलहाल सदन के अन्य नेता और अधिकारी स्थिति को संभालने और मनाने के प्रयासों में जुट गए हैं।

UP News | सदन के नेता का सम्मान होना चाहिए Satish Mahana की दो टूक | Vidhansabha Session 2026

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