पुणे। महाराष्ट्र के पुणे के मशहूर बिल्डर केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मौत के कुछ दिन पहले का केतन अग्रवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने मुख्य आरोपी सिया गोयल के बयानों और दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह वीडियो केतन की सगाई के जश्न का बताया जा रहा है, जिसमें वे बेहद खुश नजर आ रहे हैं।

सगाई के मंच पर मुस्कुराते दिखे थे केतन

वायरल हो रही इस क्लिप में केतन अग्रवाल बेहद खुशमिजाज अंदाज में स्टेज पर खड़े होकर मेहमानों को संबोधित करते नजर आ रहे हैं। वे मुस्कुराते हुए कहते हैं, “हम पिछले चार महीनों से इस इवेंट की योजना बना रहे थे।” इसके बाद वे कार्यक्रम के शानदार इंतजामों के लिए वेडिंग प्लानर और आयोजकों का शुक्रिया अदा करते हैं और उन्हें सबसे बेहतरीन इवेंट टीम बताते हैं।

आखिर क्यों चर्चा में आया केतन का यह वीडियो?

इस वीडियो के सामने आने के बाद केतन की मौत की गुत्थी और उलझ गई है। दरअसल, आरोपी सिया गोयल ने पुलिस और पूछताछ के दौरान दावा किया था कि केतन अग्रवाल हकलाते थे। लेकिन इस नए वीडियो में केतन बिना किसी झिझक, बिना रुके और बिना हकलाए बेहद साफ और सुगठित तरीके से अपनी बात रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के बाद सिया के दावों को झूठा माना जा रहा है और केस में उसकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

प्रेमी के साथ मिलकर रची थी खौफनाक साजिश

पुलिस जांच में यह बात साफ हो चुकी है कि सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी साजिश रची थी। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले बाकायदा उस पहाड़ी पर जाकर ‘मर्डर रिहर्सल’ भी की थी, जहां से केतन को नीचे फेंका जाना था।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, बीती 18 जून को महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित ऐतिहासिक लोहगढ़ किले की एक ऊंची चट्टान पर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया गया। वहां सिया गोयल के इशारे पर उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल को गहरी खाई में धक्का दे दिया।

हादसे का रूप देने की कोशिश हुई नाकाम

शुरुआत में इस पूरी घटना को महज़ एक पैर फिसलने का हादसा (दुर्घटनावश मौत) मानकर दर्ज किया गया था। लेकिन जब पुलिस ने गहराई से तफ्तीश की, तो उन्हें कई ऐसे तकनीकी और परिस्थितिजन्य सबूत मिले जिससे यह साफ हो गया कि केतन गिरे नहीं थे, बल्कि उन्हें जानबूझकर धक्का दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले को हत्या (मर्डर) की जांच में तब्दील कर दिया।

पॉलीग्राफ टेस्ट से इनकार, कोर्ट ने भेजा जेल

इस बीच, मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस ने आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट (झूठ पकड़ने वाला टेस्ट) कराने की कोशिश की। हालांकि, शुक्रवार को अदालत में सिया गोयल और चेतन चौधरी ने इस टेस्ट से गुजरने से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने साफ किया कि आरोपियों की मर्जी के बिना यह टेस्ट नहीं किया जा सकता। टेस्ट से इनकार के बाद कोर्ट ने दोनों मुख्य आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया है।

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