जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी अलग रह रही पत्नी पायल अब्दुल्ला ने आपसी सहमति से अपने लंबे समय से चले आ रहे वैवाहिक रिश्ते को हमेशा के लिए समाप्त करने का निर्णय लिया है। दोनों पक्षों ने संयुक्त रूप से देश के संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष आवेदन दायर किया था, जिसमें आपसी सहमति से तलाक की डिक्री जारी करने का अनुरोध किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस संयुक्त याचिका को स्वीकार करते हुए तलाक को मंजूरी दे दी है।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान दी गई जानकारी
शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को इस मामले की सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखी गई। उमर अब्दुल्ला की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ को अवगत कराया कि दोनों पक्षों ने आपसी रजामंदी से अपने सभी वैवाहिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकाल लिया है। इसके बाद संयुक्त आवेदन के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया गया कि वह संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष और पूर्ण न्याय करने वाली शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपसी सहमति से तलाक की डिक्री प्रदान करे।
कानूनी प्रक्रिया का समापन
अदालत द्वारा इस मामले में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों के बीच कानूनी तौर पर अलगाव की मुहर लग गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सुलझने के साथ ही दोनों पक्षों के बीच चल रहे पारिवारिक और कानूनी गतिरोध का भी अंत हो गया है। राजनीतिक और कानूनी गलियारों में इस फैसले की खासी चर्चा हो रही है।



