वरिष्ठ स्टैंड-अप कॉमेडियन सुनिल पाल ने आधुनिक कॉमेडी में बढ़ती अश्लीलता और अपशब्दों के प्रयोग को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए कई कॉमेडियन क्रिएटिविटी के बजाय अभद्र भाषा और आपत्तिजनक सामग्री का सहारा ले रहे हैं, जो युवाओं पर नकारात्मक असर डाल रहा है और साफ-सुथरी कॉमेडी की विरासत को नुकसान पहुँचा रहा है।

समाचार एजेंसी से बातचीत में सुनिल पाल ने अपने जीवन के संघर्ष के दिनों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि उनका जन्म महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के बल्हरशाह में हुआ। बचपन में उन्होंने परिवार की मदद के लिए कई छोटे-मोटे काम किए, जैसे डबल रोटियाँ बेचना, पतंग बेचना, मृत्तिका के बर्तन बनाना, और जन्मदिन की पार्टियों में मिकी माउस बनकर बच्चों का मनोरंजन करना।

पाल ने कहा कि उन्होंने थियेटरों के कर्मचारियों से दोस्ती कर फिल्मों और गानों का आनंद लिया। उन्होंने अमिताभ बच्चन, मिथुन चक्रवर्ती, शत्रुघ्न सिन्हा, ओम प्रकाश और किशोर कुमार, मोहम्मद रफ़ी के गाने सुनकर अपने कला के प्रति लगाव बढ़ाया।

कॉमेडी में पेशेवर करियर शुरू करने से पहले उन्होंने नागपुर में तीन-पहिया रिक्शा चलाया और मुंबई में ऑर्केस्ट्रा और स्टेज प्रदर्शन के काम की तलाश की। इसके बाद उन्होंने अभिनेता शाह रुख खान, सलमान खान, नाना पाटेकर और अमोल पालेकर की नकल करते हुए मिमिक्री प्रदर्शन शुरू किया।

आज के कॉमेडी परिदृश्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कई कलाकार यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर सेंसर की कमी का फायदा उठाकर केवल अपशब्दों, शराब और आपत्तिजनक ह्यूमर पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई कलाकार उनकी बातों से सहमत हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से बोलने से बचते हैं।

पाल ने कहा, “इन 10-15 मिनट के स्टैंड-अप में केवल यही सब होता है। वे बड़ों का सम्मान नहीं करते।”

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