अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही ने ‘सरके चुनर’ गाने को लेकर उठे विवाद में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने गुरुवार को पेश होकर माफी मांगी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी को अपमानित करना नहीं था और इस मामले के बाद उन्होंने अनाथ लड़कियों की शिक्षा को प्रायोजित करने का निर्णय लिया है।
नोरा फतेही ने कहा, “एक कलाकार के रूप में मेरी जिम्मेदारी है। मुझे खेद है अगर किसी की भावनाओं को आहत किया गया। अब मैं अनाथ लड़कियों की शिक्षा का समर्थन करूंगी।”
राष्ट्रीय महिला आयोग ने गाने के अश्लील और आपत्तिजनक होने के आरोपों के चलते नोरा फतेही, संजय दत्त, गीतकार राक़ीब आलम, निर्माता वेंकट के. नारायण और निर्देशक किरण कुमार को मार्च में समन जारी किया था। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स को देखते हुए स्व-प्रेरित जांच शुरू की थी।
आयोग ने उस समय कहा था कि गाने की सामग्री “यौन रूप से सुझावपूर्ण और आपत्तिजनक प्रतीत होती है” और यह भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (POCSO) का उल्लंघन कर सकती है।
गाने के बोल और वीडियो के कारण विवाद और बढ़ गया, कई संगठनों और व्यक्तियों ने इसे महिलाओं का वस्तुवादीकरण करने वाला बताया। कुछ लोगों ने FIR दर्ज करने और गाने को हटाने की मांग की।
बाद में मामला संसद तक पहुंचा, जहां सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में पुष्टि की कि व्यापक विरोध के चलते गाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ‘सरके चुनर’ में नोरा फतेही और संजय दत्त की जोड़ी नजर आई थी, जिसने रिलीज़ के तुरंत बाद ही सार्वजनिक बहस छेड़ दी थी।



