लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस ने एक हाईप्रोफाइल कार्रवाई करते हुए फर्जी जॉइनिंग लेटर थमाकर बेरोजगार युवाओं की जेब साफ करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं समेत कुल पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान कॉल सेंटर मैनेजर जीशान खान, टीम लीडर सतीश पाल के रूप में हुई है। इनके साथ ही धोखाधड़ी के इस खेल में शामिल सोनाली चौरसिया, शिवानी वर्मा और नीलू वर्मा को भी पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है।
नामी जॉब पोर्टल्स से चुराते थे डेटा
साइबर पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गैंग बेहद शातिराना तरीके से ठगी की वारदात को अंजाम देता था। आरोपी fresherworld.com और shine.com जैसी नामी जॉब वेबसाइट्स से नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों का पर्सनल डेटा और मोबाइल नंबर हासिल कर लेते थे। इसके बाद कॉल सेंटर से युवाओं को कॉल की जाती थी। शुरुआत में नौकरी पक्की होने का भरोसा देकर रजिस्ट्रेशन फीस, गेट पास और इंटरव्यू लेटर के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। युवाओं को फंसाने के लिए ये बकायदा फर्जी दस्तावेजों के जरिए खोले गए बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सकें।
भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और मोबाइल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले 11 कीपैड मोबाइल, 2 एंड्रॉइड मोबाइल, 1 लैपटॉप, 102 डेटा शीट और 26 फर्जी जॉइनिंग लेटर, अप्रूवल लेटर व रजिस्ट्रेशन लेटर बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए मोबाइल नंबरों का रिकॉर्ड जब खंगाला गया, तो पता चला कि इनके खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर पहले से ही कई शिकायतें दर्ज थीं। पुलिस अब इन खातों में हुए लेनदेन और इस रैकेट से जुड़े अन्य नेटवर्क की तलाश में जुटी है।



