लखनऊ : राजधानी लखनऊ के शहर के बीचे से गुजर रहे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे न सिर्फ तेज रफ्तार का सिंबल होगा, बल्कि हरे-भरे और साफ-सुथरे माहौल का भी नया सिंबल बनेगा। एक्सप्रेसवे के किनारे की जमीनों को ग्रीन बेल्ट के तौर पर डेवलप करने की तैयारी शुरू हो गई है। खास बात यह है कि यहां पार्क, रास्ते और बच्चों के लिए झूले जैसी सुविधाएं भी डेवलप की जाएंगी, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को काफी फायदा होगा।

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ निचली जमीनों को हरियाली से भरने की प्लानिंग कर रहा है। इसके तहत, सर्कुलर लूप एरिया में बड़ी संख्या में पेड़ लगाए जाएंगे। इससे इलाके की खूबसूरती बढ़ेगी और माहौल को भी फायदा होगा।

DM के इंस्पेक्शन के बाद बनी योजना

लखनऊ के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट विशाख जी ने हाल ही में एक्सप्रेसवे का इंस्पेक्शन किया। इस दौरान उनकी नजर दरोगाखेड़ा के पास एलिवेटेड रोड के किनारे की जमीनों पर पड़ी। यह जानकारी मिलने पर कि यह जमीन NHAI की है, उन्होंने इन जगहों को ग्रीन बेल्ट और पार्क के तौर पर डेवलप करने के निर्देश दिए।

बच्चों के लिए पार्क, रास्ते और झूले

NHAI के मुताबिक, इन जगहों पर ग्रीन बेल्ट के साथ-साथ मॉडर्न पार्क भी बनाए जाएंगे। लोगों के सुबह-शाम टहलने के लिए रास्ते तैयार किए जाएंगे। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले और दूसरी खेल की सुविधाएं भी दी जाएंगी। इससे यह इलाका लोकल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

लोगों को साफ और ताज़ी हवा भी मिल सकेगी

एक्सप्रेसवे पर लगातार चलने वाली गाड़ियों से निकलने वाला धुआं और शोर आस-पास के इलाकों पर असर डालता है। ग्रीन बेल्ट बनने के बाद पेड़ एक नेचुरल बैरियर की तरह काम करेंगे, जिससे हवा और शोर प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही लोगों को साफ और ताज़ी हवा भी मिल सकेगी।

लोकल लोगों को बहुत फायदा होगा

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद आस-पास रहने वाले हजारों लोगों को एक ही जगह पर हरियाली, साफ माहौल और मनोरंजन की सुविधाएं मिलेंगी। NHAI का यह कदम एक्सप्रेसवे को न सिर्फ ट्रांसपोर्ट का एक तरीका बना सकता है, बल्कि पर्यावरण सुरक्षा और कम्युनिटी डेवलपमेंट का एक उदाहरण भी बना सकता है।

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