अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले एसआईटी एक बार फिर अयोध्या का दौरा कर सकती है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की व्यवस्थाओं, चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।

15 जुलाई तक देनी थी रिपोर्ट, अंतिम रूप देने में जुटी SIT

ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। टीम ने 15 जून से मामले की जांच शुरू की थी और 22 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी।

इसके बाद एसआईटी ने अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। शासन की ओर से टीम को 15 जुलाई तक रिपोर्ट सौंपने का समय दिया गया था। हालांकि निर्धारित समय सीमा तक रिपोर्ट जमा नहीं हो सकी है। अब एसआईटी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है।

प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद हुई थी कार्रवाई

एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कई आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की थी। वहीं, ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

पूर्व महासचिव चंपत राय ने भी कहा था कि वह एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे।

चढ़ावे की सुरक्षा के लिए लागू हो सकते हैं बड़े बदलाव

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की रिपोर्ट के बाद ट्रस्ट प्रबंधन चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर सकता है। इसके तहत नकदी संभालने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली वर्दी, सीसीटीवी कैमरों के ब्लाइंड स्पॉट खत्म करना, चढ़ावे की गिनती के दौरान ट्रस्ट और एसबीआई अधिकारियों की अनिवार्य मौजूदगी और प्रवेश-निकास पर सख्त तलाशी जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा सकती हैं।

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