नई दिल्ली : पिछले साल अगस्त और सितंबर में दिल्ली में भारी बारिश और खेतों में पानी भरने से 4,442.41 हेक्टेयर से ज़्यादा ज़मीन पर लगी पूरी फसल बर्बाद हो गई थी। अब प्रभावित किसानों को 75 हज़ार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मदद दी जाएगी। इसके लिए दिल्ली सरकार ने 33.31 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम मंज़ूर की है। मुआवज़े की रकम प्रभावित किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी।

दिल्ली के किसानों की हर मुमकिन मदद करने के लिए तैयार

बता दे कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट और संबंधित डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को मुआवज़ा रकम बांटने का प्रोसेस शुरू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली के किसानों की हर मुमकिन मदद करने के लिए तैयार है। यह राहत राशि उन किसानों के ज़ख्मों पर मरहम लगाने की एक कोशिश है, जिन्हें एक साल ज़्यादा होने की वजह से भारी फ़ाइनेंशियल नुकसान हुआ है। यह रकम पूरी ट्रांसपेरेंसी के साथ सीधे एलिजिबल किसानों को दी जाएगी।

किसानों को मदद की रकम मिलेगी जो उस ज़मीन के रजिस्टर्ड मालिक हैं

सीएम ने कहा कि सिर्फ़ उन्हीं किसानों को मदद की रकम मिलेगी जो उस ज़मीन के रजिस्टर्ड मालिक हैं। नियमों के मुताबिक, किसी कंपनी की ज़मीन (कॉर्पोरेट नेचर), गांव की पंचायतों की ज़मीन के प्लॉट के तौर पर बने फार्म हाउस और पक्की दीवारों वाले प्लॉट इस स्कीम के दायरे से बाहर हैं।

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