पटना : बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को नई दिशा देने वाला एक डिस्ट्रिक्ट लेवल एक्सपेरिमेंट अब पूरे राज्य में लागू होने जा रहा है। बता दे कि इसकी शुरुआत पूर्णिया में हुई थी और अब इसे ‘बिहार लाइव क्लासेस’ के तौर पर बढ़ाया जाएगा। वही इस पहल के पीछे पटना के मौजूदा DM और पूर्णिया के पूर्व डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, IAS कुंदन कुमार हैं, जिनका विज़न सज़ा के सिस्टम में बड़ा बदलाव लाना है।

बता दे कि जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस मॉडल का लाइव डेमो देखा, तो वे इसकी सफलता से बहुत प्रभावित हुए और इसे 15 अगस्त तक पूरे बिहार में लागू करने का निर्देश दिया। माना जा रहा है कि इससे लाखों स्टूडेंट्स को बेहतर शिक्षा मिलेगी।

पूर्णिया के DM के तौर पर ‘पूर्णिया लाइव क्लासेस’ शुरू की

साल 2024 में, कुंदन कुमार ने पूर्णिया के DM के तौर पर ‘पूर्णिया लाइव क्लासेस’ शुरू की। इसका मकसद था कि गांव और दूर-दराज के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को भी स्पेशलिस्ट टीचरों से क्लास मिल सके। इस मॉडल के तहत स्टूडेंट्स को लाइव क्लास, रिकॉर्डेड लेक्चर, डाउट क्लियरिंग सेशन और वीकली टेस्ट जैसी सुविधाएं दी गईं। बाद में इसमें IIT-JEE और NEET जैसे कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी भी शामिल की गई। आज पूर्णिया जिले के 265 सरकारी स्कूल इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं और हजारों स्टूडेंट्स इसका फायदा उठा रहे हैं।

मुंबई की एक जानी-मानी कंपनी में लगभग पाँच साल तक काम किया

उन्होंने एक इंजीनियर के तौर पर अपना करियर शुरू किया और मुंबई की एक जानी-मानी कंपनी में लगभग पाँच साल तक काम किया।अच्छी सैलरी और सुरक्षित करियर के बावजूद, उन्होंने सिविल सर्विस में जाने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने UPSC एग्जाम की तैयारी शुरू की और साल 2009 में उन्हें पहली सफलता मिली। उस समय उनका सिलेक्शन इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) के लिए हुआ था, लेकिन उनका मकसद IAS बनना था।

बता दे कि IPS बनने के बाद भी कुंदन कुमार ने अपनी तैयारी जारी रखी और साल 2012 में फिर से UPSC एग्जाम पास करके IAS ऑफिसर बने। इसके बाद उन्होंने बिहार के कई जिलों में एडमिनिस्ट्रेटिव जिम्मेदारियां संभालीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने एजुकेशन, डिजिटल गवर्नेंस और एग्रीकल्चर सेक्टर में कई इनोवेशन किए, जिनकी चर्चा राज्य के बाहर भी हुई। उनकी पहचान एक ऐसे ऑफिसर के तौर पर थी जो टेक्नोलॉजी और एडमिनिस्ट्रेशन को मिलाकर नई पहल करने में यकीन रखते थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो बार सम्मानित किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IAS कुंदन कुमार को पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में उनके इनोवेटिव और असरदार काम के लिए दो बार सम्मानित किया है।उन्हें बांका जिले में डिजिटल एजुकेशन और एग्रीकल्चर सेक्टर में उनके एक्सपेरिमेंट के लिए पहला बड़ा अवॉर्ड मिला। उनके कई एडमिनिस्ट्रेटिव मॉडल दूसरे जिलों के लिए भी इंस्पिरेशन बने। अब “पूर्णिया लाइव क्लासेस” की सफलता ने उन्हें एक बार फिर लाइमलाइट में ला दिया है।

अब पूरे बिहार के स्टूडेंट्स को फायदा मिलेगा

पटना में हुए प्रेजेंटेशन के दौरान पूर्णिया डिस्ट्रिक्ट स्कूल की एक लाइव क्लास दिखाई गई। इसमें पूर्णिया के मौजूदा DM अंशुल कुमार भी मौजूद थे। डेमो देखने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को इस मॉडल को पूरे राज्य में लागू करने का निर्देश दिया, ताकि सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी अच्छी शिक्षा मिल सके। अगर यह प्लान समय पर लागू होता है, तो बिहार देश का पहला बड़ा राज्य बन सकता है, जहां सरकारी स्कूलों के लिए राज्य-स्तरीय लाइव क्लास नेटवर्क बनाया जाएगा।

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