कानपुर: कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए एक शातिर अपराधी को सबक सिखाया है। चकेरी इलाके में पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले आरोपी यश राजपूत को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद उसके मोहल्ले में पैदल घुमाया और सार्वजनिक रूप से उससे माफी मंगवाई।

क्या था पूरा मामला ?

बीते मंगलवार की रात पुलिस को सूचना मिली कि कुख्यात अपराधी यश राजपूत किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में जब पुलिस टीम ने घेराबंदी की, तो यश ने भागने की कोशिश की। खुद को घिरता देख उसने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग कर दी। इस हमले में सिपाही अरुण कुमार बाल-बाल बच गए। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया और उसके पास से एक अवैध असलहा बरामद किया।

‘हेकड़ी’ निकालने के लिए निकाला जुलूस

आरोपी के हौसले इतने बुलंद थे कि उसने पुलिस पर हमला करने में भी संकोच नहीं किया। ऐसे अपराधियों में कानून का डर पैदा करने के लिए पुलिस ने अगले दिन बुधवार को उसे लालबंगला के काजीखेड़ा स्थित उसके मोहल्ले में लेकर पहुंची।

  • दो किलोमीटर का जुलूस: भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अपराधी का दो किलोमीटर लंबा पैदल जुलूस निकाला गया।
  • सार्वजनिक माफी: इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा ने मोहल्ले के लोगों को बाहर बुलाया और सबके सामने आरोपी को अपनी गलती मानने पर मजबूर किया। आरोपी ने अपराध से तौबा करते हुए भविष्य में कोई गलत काम न करने की कसम खाई।

गंभीर धाराओं में दर्ज है मुकदमा

पुलिस के अनुसार, यश राजपूत कोई मामूली अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ पहले से ही हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। ताजा घटना के बाद उस पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर जानलेवा हमला करने और अवैध असलहा रखने समेत कई और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस का यह ‘खास अंदाज’ इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ पैदा होता है और अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगता है।

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