रायबरेली। जनपद में विकास कार्यों का श्रेय लेने की होड़ में स्थानीय सियासत का एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला नजारा सामने आया है। यहां महज 12 घंटे के भीतर एक ही सड़क का दो अलग-अलग जनप्रतिनिधियों द्वारा दो बार भूमिपूजन कर दिया गया। निर्माण कार्य का श्रेय लेने की इस जंग में दो दिग्गज नेता आमने-सामने आ गए हैं, जिसकी चर्चा अब पूरे जिले में जोरों पर है। मामला शहर की एक बेहद महत्वपूर्ण लेकिन लंबे समय से बदहाल पड़ी सड़क के निर्माण से जुड़ा हुआ है।
इस सियासी की शुरुआत तब हुई जब कल सदर विधायक अदिति सिंह ने इस बदहाल सड़क के जीर्णोद्धार के लिए विधिवत भूमिपूजन किया। विधायक द्वारा किए गए इस शिलान्यास के अभी 12 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि आज नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर भी पूरी तैयारी के साथ उसी जगह पहुंच गए। नगर पालिका अध्यक्ष ने भी उसी सड़क का दोबारा भूमिपूजन कर दिया। एक ही विकास कार्य पर दो अलग-अलग खेमों के जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए इस शिलान्यास ने स्थानीय स्तर पर ‘क्रेडिट वॉर’ को खुलकर सतह पर ला दिया है।
गौरतलब है कि यह पूरी कवायद उस सड़क को लेकर हो रही है जो आईटीआई (ITI) मोड़ से अभयदाता मंदिर को जोड़ती है। लंबे समय से जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुकी यह सड़क स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई थी। जनता लंबे समय से इसके निर्माण की मांग कर रही थी। अब जब सड़क के निर्माण का रास्ता साफ हुआ, तो विकास का सेहरा अपने सिर बांधने के लिए दोनों पक्षों में होड़ मच गई। फिलहाल यह अनोखा भूमिपूजन पूरे क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर इस सड़क के निर्माण का असली श्रेय किसे जाएगा।



