अयोध्या/नई दिल्ली। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से धनराशि चोरी का मामला अब सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुँच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएमओ ने ट्रस्ट से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुँचे और ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ घंटों बैठक कर पूरे प्रकरण की तह तक जानकारी हासिल की।
आंतरिक ऑडिट में खुली अनियमितताओं की परतें
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की आंतरिक ऑडिट में कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आने के बाद जाँच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस ने कुछ कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और कथित तौर पर नकदी बरामदगी की भी चर्चा है। ट्रस्ट सूत्रों का दावा है कि दानपात्र से जुड़ी पूरी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जा रही है और गड़बड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पूर्व लेखाधिकारी का सनसनीखेज खुलासा
मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब ट्रस्ट के पूर्व लेखाधिकारी महिपाल सिंह ने बड़ा खुलासा किया। उनके अनुसार, रोज़ाना करीब पाँच लाख रुपए की चोरी हो रही थी। यह सिंडिकेट नियमित रूप से बड़ी मात्रा में पैसे गायब कर रहा था। महिपाल सिंह ने दावा किया कि जब उन्होंने इस गड़बड़ी की शिकायत की, तो उल्टे उन्हें ही नौकरी से निकाल दिया गया और सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दिए गए। उनके मुताबिक यह घटनाक्रम 2022 के आसपास का है।
अखिलेश ने भी उठाए सवाल, पारदर्शी जाँच की माँग
इस पूरे प्रकरण पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच कराकर दोषियों की पहचान सार्वजनिक करने की माँग की है। घटना के बाद देशभर के श्रद्धालुओं और सनातन समाज में गहरी चिंता व्याप्त है। अब सबकी निगाहें पीएमओ से माँगी गई रिपोर्ट और आगे की जाँच पर टिकी हैं।



